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जम्मू-कश्मीर: 'जम्मू के लोग चाहते थे दरबार मूव की वापसी, सरकार ने जनता की इच्छा का किया सम्मान', राथर

Mon, 02 Nov 2026 12:26 PM IST
Nikita Gupta अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

जम्मू-कश्मीर विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने कहा कि जनता की मांग और भावनाओं का सम्मान करते हुए सरकार ने 154 साल पुरानी दरबार मूव परंपरा को दोबारा बहाल किया है। उन्होंने आगामी बजट सत्र के सुचारु संचालन का भरोसा जताते हुए नए और अनुभवी मंत्रियों से जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की अपील की।
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अब्दुल रहीम राथर - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने कहा कि सरकार ने जनता की इच्छा और आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए दरबार मूव परंपरा को दोबारा बहाल करने का फैसला लिया था। जम्मू के लोग लंबे समय से इस परंपरा को फिर से शुरू करने की मांग कर रहे थे और सरकार ने उनकी भावनाओं का सम्मान किया है।

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सोमवार को 154 साल पुरानी दरबार मूव परंपरा के तहत जम्मू में सिविल सचिवालय और अन्य सरकारी कार्यालय दोबारा खुल गए। इस मौके पर विधानसभा कक्ष में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राथर ने कहा कि दरबार मूव कोई नई व्यवस्था नहीं है, बल्कि दशकों से चली आ रही परंपरा है, जिसे कुछ वर्षों के लिए बंद कर दिया गया था। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह व्यवस्था जम्मू और कश्मीर दोनों संभागों के लोगों की सेवा करती रहेगी।

डोगरा शासकों ने वर्ष 1872 में दरबार मूव की शुरुआत की थी। इसके तहत सर्दियों में सरकारी कार्यालय श्रीनगर से जम्मू और गर्मियों में जम्मू से श्रीनगर स्थानांतरित किए जाते थे। हालांकि, वर्ष 2021 में तत्कालीन उपराज्यपाल प्रशासन ने ई-ऑफिस व्यवस्था और सरकारी खर्च में बचत का हवाला देते हुए इसे बंद कर दिया था। उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार ने अक्तूबर 2025 में इसे दोबारा बहाल करने का फैसला लिया था।

वहीं, आगामी बजट सत्र को लेकर विधानसभा अध्यक्ष ने विश्वास जताया कि सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलेगी। विधानसभा की कार्यवाही संचालित करने का करीब चार दशक का अनुभव है और यह उनके लिए कोई नई चुनौती नहीं है।

पिछले बजट सत्र का जिक्र करते हुए राथर ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, यहां तक कि विपक्षी सदस्यों को भी अपनी बात रखने और मुद्दे उठाने का पूरा अवसर दिया गया था। उन्होंने बताया कि सदन की कार्यवाही के तरीके से लगभग सभी विधायक संतुष्ट थे।

सरकार में चार नए मंत्रियों को शामिल किए जाने पर उन्होंने उम्मीद जताई कि नए और अनुभवी सभी मंत्री जनता की उम्मीदों और आकांक्षाओं के अनुरूप काम करेंगे तथा लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी जिम्मेदारी निभाएंगे।
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