तरेबा नाले में युवक के डूबने के बाद पुल बनाने की मांग हुई तेज
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। नायब तहसीलदार के आश्वासन के बाद भी ग्रामीण अनशन से नहीं उठे। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक कोई आला प्रशासनिक अधिकारी आश्वासन नहीं देता उनका अनशन जारी रहेगा। गौरतलब है कि शुक्रवार को नायब तहसीलदार अरनिया मोहनलाल शर्मा ने गांव तरेबा में नाले पर पुल की मांग को लेकर अनशन पर बैठे ग्रामीणों से मुलाकात की।
ग्रामीणों ने कहा कि पिछले पांच दिन से वह अनशन पर बैठे हैं। मगर इसके बावजूद प्रशासन का कोई उच्च अधिकारी उनके पास नहीं पहुंचा है। उन्होंने कहा कि साफ तौर पर दिख रहा है कि प्रशासन को सीमावर्ती गांव के लोगों की फिक्र नहीं है। उन्होंने कहा कि हर साल नाले का जलस्तर बढ़ने पर लोगों को जिंदगी दांव पर लगाकर नाला पार करना पड़ता है। पांच दिन पहले गांव के तीन युवक नाला पार कर खेतों में गए थे। वापसी में नाले का जलस्तर बढ़ गया था, जिसके चलते लखविंदर कुमार उर्फ लाडा नाला पार करते समय बह गया था। उसका शव दूसरे दिन नाले से बरामद किया गया था। इसको लेकर गांव के लोग पुल की मांग को लेकर अनशन पर बैठे हैं।
नायब तहसीलदार ने कहा कि नाले पर अस्थायी पुल बनाया गया है। पुल का थोड़ा निर्माण कार्य बाकी है। बरसात थमने के बाद पुल के बचे निर्माण कार्य को मुकम्मल कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला मजिस्ट्रेट जम्मू के निर्देश पर वह ग्रामीणों के बीच पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि तरेबा और शेरे चक गांव के बीच नाले पर बड़े पुल का प्रस्ताव भी भेजा गया है। इसे नाबार्ड की सूची में चौथे नंबर पर रखा गया है।
इस पर पंचायत तरेबा की पूर्व सरपंच बलवीर कौर ने कहा कि नाबार्ड की सूची में पुल के निर्माण कार्य का प्रस्ताव रख दिया गया है। नाबार्ड और प्रशासन के अधिकारियों से उनकी निरंतर पुल को लेकर बातचीत होती है। दिसंबर माह तक पुल के निर्माण कार्य का निर्देश जारी होने की संभावना है।