अरनिया सेक्टर में पाकिस्तानी गोलाबारी थमने से सीमावर्ती लोगों ने शिविरों से घर लौटना शुरू कर दिया है। हालांकि, ग्रामीणों में खौफ साफ देखा जा रहा है। धान की फसल काटने की मजबूरी के चलते किसान हर हाल में गांव वापसी कर रहे हैं।
प्रशासन की ओर से अभी शिविरों से गांवों की ओर वापस जाने के लिए फिलहाल नहीं कहा गया है, इसके बावजूद लोग फसल को समेटने के लिए लौटने लगे हैं। बलवान सिंह, दीपक कुमार, करतार सिंह, जगदीश राज शर्मा आदि ने कहा कि परिवार के कुछ ही सदस्य गांव लौटे हैं।
खेतों में फसल पककर तैयार हो गई है। उन्हें श्रमिक नहीं मिल रहे हैं। श्रमिकों की तलाश में पूरा दिन गुजर रहा है। उन्होंने जिन किसानों को कुछ मजदूर मिल गए हैं, वह अपनी पूरी फसल काटने के बाद उन्हें छोड़ेंगे।
बाहरी राज्यों से तकरीबन सौ मजदूर ही अभी यहां पहुंचे हैं। गोलाबारी के डर से मजदूर नहीं आ रहे हैं। कंबाइन मशीनें भी अभी यहां नहीं पहुंची हैं। इसके चलते किसानों की मुसीबतें और बढ़ रही हैं।