जम्मू-कश्मीर में पेंशनरों की सत्यापन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। जिसमें अब तक 2.38 लाख पेंशनरों और फैमिली पेंशनरों में से 1.43 लाख का सत्यापन कर लिया गया है। यह प्रक्रिया 60 फीसदी पूरी हो चुकी है।
वित्त विभाग के अनुसार, इस सत्यापन में पांच करोड़ रुपये के अतिरिक्त पेंशन भुगतान की पहचान की गई है। जिसके लिए वसूली उपाय शुरू किए गए हैं।
वित्त विभाग ने बताया कि पेंशन डेटा को पूरी तरह से डिजिटल बनाने और खजाना कोड का पालन सुनिश्चित करने के लिए इस सत्यापन प्रक्रिया की शुरुआत की गई है। इसका उद्देश्य मौजूदा रिकॉर्ड में विसंगतियों को समाप्त करना और सभी पेंशनरों का डेटा अद्यतन करना है।
इस सत्यापन से न केवल पेंशनरों के डेटा को अद्यतन करने में मदद मिल रही है। बल्कि भविष्य में ऑनलाइन सत्यापन के संक्रमण के लिए भी आधार तैयार हो रहा है।
विशेष रूप से विभाग ने बुजुर्ग और अस्वस्थ पेंशनरों की समस्याओं को हल करने के लिए खजाना स्टाफ को उनके घरों के दौरे करने के निर्देश दिए हैं। अब तक लगभग 2,000 घरों का दौरा किया गया है। ताकि बुजुर्ग पेंशनरों के सत्यापन को सुविधाजनक बनाया जा सके। वित्त विभाग का कहना है कि इस प्रक्रिया से पेंशनरों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी और भुगतान की पारदर्शिता सुनिश्चित हैं।