नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस के बाद अब पीडीपी का कार्यालय भी सरकारी जमीन पर बना पाया गया है। जम्मू मंडलायुक्त की ओर से सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों से संबंधित जारी की गई तीसरी सूची में पीडीपी के सुंजवां कार्यालय को सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर बनाया बताया गया है। इसी सूची में सेवानिवृत्त आईजी, एसएसपी और पीडीपी नेता का नाम भी शामिल है।
उधर कश्मीर में मंडलायुक्त ने 25 हजार करोड़ के रोशनी घोटाले में शामिल सात जिलों के 224 लोगों की तीसरी सूची जारी की है। इसमें अधिकांश व्यवसायी और सरकारी कर्मचारी बताए गए हैं।
जम्मू मंडलायुक्त कार्यालय की बुधवार को जारी की गई नई सूची में सुंजवा में तीन कनाल भूमि पर बने पीडीपी कार्यालय को सरकारी भूमि पर अतिक्रमण घोषित किया गया है। इसके अलावा छन्नी रामा में पीडीपी नेता तालिब चौधरी का दो कनाल पर बना आवास और दुकानें सरकारी भूमि पर बनी हुई हैं।
सूची में दी गई जानकारी के मुताबिक रिटायर्ड एसएसपी मिर्जा रशीद ने सुंजवां में तीन कनाल सरकारी और वन भूमि पर आवास बनाया हुआ है। सेवानिवृत्त आईजीपी निसार अली ने छन्नी रामा में तीन कनाल सरकारी भूमि पर आवास बनाया है। कांग्रेस के मंत्री रहे एजाज खान के रिश्तेदार जेहन खान का सुंजवां में दो कनाल सरकारी भूमि पर आवास है। व्यापारी हाजी सुल्तान अली ने तीस कनाल भूमि कब्जा कर यहां आवास बनाया हुआ है। व्यापारी हाजी सुल्तान अली ने छन्नी रामा में एक कनाल पांच मरला सरकारी भूमि पर व्यावसायिक कांप्लेक्स भी बनाया है।
रोशनी एक्ट की तीसरी सूची में सबसे ज्यादा लाभार्थी श्रीनगर के
कश्मीर मंडलायुक्त कार्यालय की ओर से जारी रोशनी घोटाले में शामिल लोगों की तीसरी सूची में सात जिलों के 224 लोगों के नाम हैं। इसमें श्रीनगर के 122, गांदरबल के 10, बडगाम के 13, कुपवाड़ा के 44, कुलगाम के 12, अनंतनाग के 13 और बांदीपोरा के दस लोगों ने रोशनी एक्ट की आड़ में जमीन कब्जाई है। 23 नवंबर को जारी सूची में यह बात सामने आई थी कि नेकां और कांग्रेस का दफ्तर श्रीनगर में रोशनी एक्ट के तहत हासिल जमीन पर बना है।
रोशनी एक्ट में सुंजवां क्षेत्र में पीडीपी कार्यालय को गलत दर्शाया गया है। वहां पार्टी का कोई आधिकारिक कार्यालय नहीं है। एक सोची समझी साजिश के तहत पार्टी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती और क्षेत्रीय राजनीतिक दलों को बदनाम किया जा रहा है।
-फिरदोस टाक, प्रवक्ता, पीडीपी