ईरान में हुए हमलों और अयातुल्ला खामेनेई की हत्या पर PDP चीफ महबूबा मुफ्ती ने दूसरे PDP नेताओं के साथ मिलकर प्रदर्शन किया। इसके साथ ही ट्रंप और नेतन्याहू के पोस्टर जलाए।
अमेरिका-इस्राइल हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद श्रीनगर में शिया समुदाय के लोगों ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने दूसरे PDP नेताओं के साथ मिलकर ईरान में हाल के हमलों और अयातुल्ला खामेनेई की हत्या के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के पोस्टर जलाए।
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महबूबा मुफ्ती ने कहा, "पिछले 5-6 दिनों से ईरान पर इजराइल और अमेरिका की तरफ से लगातार हमला किया जा रहा है। इसमें वहां के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। इसके बाद इस मुद्दें पर लोगों का गुस्सा और तकलीफ उभर कर आई है। लोगों ने इस गुस्से को ज़ाहिर करने की कोशिश की है और इसका नतीजा यह हुआ है कि आज कई लोग जेलों में बंद हैं।
हमारे नेतृत्व(केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर सरकार) ने इसकी निंदा नहीं की है। हम पूरी दुनिया के लोगों को पैगाम देना चाहते हैं कि कश्मीर के लोग ईरान के लोगों के साथ हैं। हम सरकार से गुजारिश करते हैं कि इस मुद्दे पर जो लोग आज जेलों में बंद हैं, उन्हें रिहा किया जाए।"
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उधर, बढ़ते इज़राइल-ईरान झगड़े के बीच ईरान से भारतीय स्टूडेंट्स को सुरक्षित निकालने पर एक कश्मीरी स्टूडेंट के पिता मोहम्मद अनवर ने कहा कि मेरी बेटी MBBS के आखिरी साल में है। हम तेहरान में भारतीय एम्बेसी की उन्हें सुरक्षित निकालने की कोशिशों की बहुत तारीफ़ करते हैं, लेकिन विदेश मंत्रालय से हमारी हाथ जोड़कर गुज़ारिश है कि उन्हें जल्द से जल्द निकाला जाए।
ईरान में कश्मीरी स्टूडेंट्स के पेरेंट्स ने बढ़ते इज़राइल-ईरान झगड़े के बीच उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए भारत सरकार से अपील की है। फंसे हुए स्टूडेंट के पेरेंट्स सुहैल मुज़म्मिल कादरी ने कहा हम विदेश मंत्रालय, प्रधानमंत्री और जम्मू-कश्मीर के CM को तेहरान से हमारे बच्चों को सुरक्षित ज़ोन में भेजने की उनकी कोशिशों के लिए धन्यवाद देते हैं। लेकिन ईरान का हर इंच खतरे में है। वहां फंसे स्टूडेंट्स, बिज़नेसमैन और तीर्थयात्री बहुत ज़्यादा खतरे में हैं। हम चाहते हैं कि हमारे बच्चों को सुरक्षित निकाला जाए। हम उनके टिकट का किराया भी देने को तैयार हैं।
'हमें अपना दुख, शोक और गुस्सा सिर्फ़ शांतिपूर्ण तरीके से जाहिर करना चाहिए'
उधर, श्रीनगर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि ईरान पर हमला हुआ था। हमले के दौरान जिस तरह ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई शहीद हुए, उनके साथ कई और लोग भी थे। हमने अपना दुख और हमदर्दी ज़ाहिर की... हमें अपना दुख, शोक और गुस्सा ज़ाहिर करना चाहिए, लेकिन सिर्फ़ शांतिपूर्ण तरीके से... यही अपील हम सबकी तरफ़ से गई है, और हमें उम्मीद है कि यह जम्मू-कश्मीर के सभी लोगों तक पहुंचेगी।"