दूरदराज से मंदिरों के शहर पहुंचने वाले लोगों को आटो चालकों की मनमानी के आगे बेबस होना पड़ रहा है। मीटर बंद रखकर आटो चालक यात्रियों से मनमाने पैसे वसूल करते हैं। शहर के प्रमुख आटो स्टैंड पर यात्रियों को आटो चालकों की मनमानी के आगे झुकना पड़ता है।
रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, ज्यूल चौक और एयरपोर्ट से चलने वाले आटो चालक यात्रियों से किराये में मनमानी करती है। आटो का मीटर भी कभी नहीं चालू किया जाता है। इस बात से ट्रैफिक पुलिस भलीभांति परिचित है, लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा।
आटो चालक स्टेशन से ज्यूल, बस स्टैंड, रघुनाथ आने तक के लिए तीन सौ रुपये मांग तक यात्रियों को हैरत में डाल देते है। बताया जाता है कि आटो का मीटर गिराने के बाद दो किलोमीटर के लिए 12 रुपये तक किराया तय है, लेकिन यहां एक किलोमीटर जाने के लिए यात्रियों से 100 से 200 रुपये और स्थानीय लोगों से पचास रुपये से कम नहीं लिए जाते हैं।
आरटीओ की ओर से प्रति किलोमीटर 16 रुपये किराया तय किया गया है जिसके बाद किलोमीटर आगे बढ़ने पर यह किराया थोड़ा बढ़ता जाता है, लेकिन आटो चालकों की ओर से तय किराये से तीन से चार गुणा किराया वसूल किया जाता है।
एआरटीओ कुलदीप सिंह के मुताबिक यात्रियों से मनमाने वसूलने वाले चालकों के पिछले साल एक दर्जन आटो सीज किए गए हैं। समय-समय पर कार्रवाई करते हुए आटो चालकों को पकड़कर उनके चालान भी काटे जाते हैं।