अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। पुलिस फायरिंग में मोहम्मद परवेज़ मौत मामले की परतें अब भी अनसुलझी हुई हैं। इस बीच मृतक के परिवार का दावा है कि निलंबित किए गए दो कांस्टेबलों में से एक ने परवेज़ के सीने पर दाहिनी तरफ पिस्टल से गोली मारी। गोली चलने से पहले कांस्टेबल और परवेज़ के बीच हाथापाई भी हुई। पुलिस ने पिस्टल को बरामद कर लिया है। पिस्टल विभागीय है। बताया जा रहा है कि गोली जिस कांस्टेबल ने चलाई, उसी को विभाग की तरफ से ये जारी की गई है।
परवेज़ के चचेरे भाई जान मोहम्मद ने बताया कि अभी तक जो उन्हें पुलिस की तरफ से जानकारी मिली है उसमें यहीं बताया गया है कि जिन दो पुलिस कर्मियों को निलंबित किया गया है। उन्हीं में से एक ने परवेज़ को गोली मार दी। क्योंकि गोली छाती के सामने वाले हिस्से में लगी। इसलिए उसकी मौत हो गई। परवेज़ के सगे और बड़े भाई मोहम्मद फयाज़ का कहना है कि इस मामले में पहले से एफआईआर दर्ज है। इसी एफआईआर में जांच हो रही है। हमें उम्मीद है कि इसी एफआईआर में दोषियों पर कार्रवाई होगी। हमने अलग से एफआईआर की अर्जी नहीं दी है।
घटना के दिन ही जब्त हो गए थे वाहन
घटना के दिन ही पुलिस ने स्पेशल ब्रांच पुलिसकर्मियों की कार और परवेज़ की मोटरसाइकिल को भी जब्त कर लिया था। सूत्रों का कहना है कि घटना के दिन स्पेशल ब्रांच के पांच पुलिसकर्मी थे। ये सब अलग अलग जगह पर घेरा बनाकर खड़े थे। एक कांस्टेबल कार चला रहा था। जिसकी कार खेत में पलट गई। इसी कांस्टेबल ने कार से बाहर निकल कर परवेज़ और उसके साथी को पकड़ा। आपस में इनकी झड़प हुई। कांस्टेबल ने विभागीय पिस्टल निकाल कर उसे गोली मार दी। हालांकि कांस्टेबल ने पुलिस जांच टीम को बताया कि उस पर पहले गोली चली, बदले में उसे चलानी पड़ी।
आटो में तीन बार बाइक को मौका ए वारदात पर लाया गया, घटनास्थल के पास एक मकान है। जहां रहने वाले आटो चालक ने परवेज़ की बाइक को फलाएं मंडाल पुलिस चौकी पहुंचाया। हालांकि पहले दिन से लेकर शनिवार तक ये बाइक इसी आटो में तीन बार घटनास्थल पर लाई गई। लेकिन स्पेशल ब्रांच कर्मियों की कार को घटनास्थल पर नहीं ले जाया गया।
मुआवजे की जुबानी बात हुई, रकम तय नहीं
मृतक के भाई मोहम्मद फयाज़ का कहना है कि उनके परिवार और कुछ अन्य गणमान्यों की एसएसपी जम्मू कार्यालय में 25 जुलाई को बैठक हुई थी। बैठक में वर्चुअल मोड से आईजी जम्मू और मंडलायुक्त जम्मू भी शामिल हुए थे। तब अधिकारियों ने कहा था कि उन्हें मुआवजा मिलेगा। लेकिन रकम तय नहीं थी। ये सारी बातें जुबानी ही तय हुई थीं। कोई लिखित में नहीं दिया गया।
एसआईटी ने परिवार से कहा, किसी के बहकावे में न आएं
इस मामले की जांच कर रही एसआईटी की टीम एसपी साउथ अजय शर्मा की अगुवाई में रविवार परवेज़ के घर पहुंची। टीम ने परिवार से कहा कि मामले की जांच चल रही है। आपका जो भी उचित मुआवजा होगा। वो मिलेगा। लेकिन वे लोग किसी तरह के बहकावे में न आएं। अफवाहों से बचें कि क्या हो रहा है क्या नहीं। एसआईटी ने ये भी कहा कि इस मामले में पहली सूचना के आधार पर एफआईआर परवेज़ और उसके साथी पर दर्ज है। यदि उन्हें इस पर आपत्ति है तो वे अपने बयान दें। इसे आधार बनाकर जांच होगी। यदि इनका दोष नहीं तो आरोपियों पर केस होगा और उन्हें सजा मिलेगी।
घटनास्थल पर एक भी सीसीटीवी नहीं, बढ़ेगी जांच टीम की चुनौती
ये घटना सूरा चक गांव में हुई है। घटनास्थल के पास एक ही घर है। जो एक आटो चालक है। इसके अलावा बाकी घर दूर दूर हैं। घटनास्थल के चारों तरफ 100 से 200 मीटर तक बने घरों में से किसी एक में भी सीसीटीवी नहीं है। जो जांच टीम की चुनौती बढ़ाएगा। वहीं आटो चालक का कहना है कि घटना शाम 6 बजे के आसपास की है। वह अपने खेतों में था। गाड़ी पलटने की आवाज जरूर आई थी। इसके बाद जब आया तो देखा कि काफी लोग थे। वर्दीदार पुलिस वाले थे। इसके बाद युवक को पुलिस वाहन में अस्पताल ले जाया गया।
खून के धब्बों के बनाए हैं सर्कल
मौका ए वारदात पर मृतक के खून के धब्बे थे। जिन्हें पास में पड़ी ईंटों की मदद से सर्कल कर दिया गया। ये सर्कल अब भी बने हुए हैं। इसके अलावा सतवारी पुलिस स्टेशन में इस मामले में धारा 109(1) जानलेवा हमला करना, बीएनएस की धारा 3(5) संयुक्त आपराधिक कृत्यों के मामलों में रचनात्मक दायित्व के सिद्धांत को रेखांकित करने हेतु और 3/27 आर्म्स एक्ट हथियार का इस्तेमाल करना, जिसमें मौत हो गई हो दर्ज किया गया है।
आज चौथा, इसके बाद दर्ज होंगे बयान
परवेज का परिवार अब भी गम और सदमे में हैं। परवेज के भाई मोहम्मद फयाज का कहना है कि अभी मां और भाई की पत्नी बात करने स्थिति में नहीं है। सोमवार चौथा होना है। इसके बाद से ही वे लोग पुलिस को अपने बयान देंगे। एसपी साउथ अजय शर्मा का कहना है कि अभी परिवार शोकाकुल है। चौथे के बाद सबके बयान होंगे। सबकी स्टेटमेंट ली जाएंगी।
परवेज़ पर मारपीट का एक मामला दर्ज
सतवारी पुलिस स्टेशन में मृतक परवेज़ पर बीते वर्ष मारपीट के आरोप में एक केस दर्ज है। इसके अलावा कोई भी मामला किसी तरह का नहीं है।
जांच पूरी होने दीजिए, अभी कोई टिप्पणी नहीं
मामले की न्यायिक जांच हो रही है। पुलिस की एसआईटी भी काम कर रही है। एक बार जांच पूरी होने दीजिए। इसके पहले किसी तरह की टिप्पणी नहीं कर सकता।
भीमसेन टूटी, आईजी जम्मू