जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को ‘पेरेंट्स ब्रिगेड’ के गठन की घोषणा की। यह ब्रिगेड राज्य के हर शहर, कस्बे और गांव में बनाई जाएगी और इसका उद्देश्य युवाओं को नशे की लत से बचाना होगा।
बडगाम जिले में नशा मुक्ति अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि इस पहल के तहत माता-पिता, महिलाएं और युवा मिलकर एक स्वैच्छिक नेटवर्क बनाएंगे। इन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि वे अपने क्षेत्रों में नशे के शुरुआती संकेतों की पहचान कर सकें और प्रभावित परिवारों को समय पर मदद से जोड़ सकें।
उन्होंने कहा कि प्रशासन इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और समाज के हर वर्ग- परिवार, सामाजिक संगठन, धार्मिक व राजनीतिक नेताओं से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उपराज्यपाल ने कहा बडगाम को नशे के जहर के खिलाफ खड़ा होना होगा जो हमारे युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि नशे की लत से जूझ रहे युवा अपराधी नहीं, बल्कि पीड़ित हैं जिन्हें सहानुभूति और सहयोग की जरूरत है। समाज को आगे आकर इस मुद्दे पर चुप्पी तोड़नी होगी क्योंकि चुप रहकर इस समस्या को खत्म नहीं किया जा सकता। सिन्हा ने कहा कि नशा केवल स्वास्थ्य समस्या नहीं है बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा मुद्दा है। उनके अनुसार नशे का व्यापार आतंकवाद और कट्टरपंथ को भी वित्तीय सहायता देता है।
उन्होंने बिना किसी देश का नाम लिए कहा कि पड़ोसी देश जम्मू-कश्मीर में नशा तस्करी को बढ़ावा देता है और ड्रग्स तथा आतंकवाद अब एक ही समस्या के दो पहलू बन चुके हैं।