सुप्रीम कोर्ट उस जनहित याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है जिसमें जम्मू -कश्मीर में व्याप्त अशांति और अव्यवस्था को देखते हुए राज्य में राज्यपाल शासन लगाने की गुहार की गई है।
जम्मू-कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी (जेकेएनपीपी) की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि राज्य और नागरिकों की सुरक्षा के मद्देनजर शीर्ष अदालत को इस मामले में दखल देना चाहिए। याचिका में कहा गया है कि पिछले दो हफ्ते से जम्मू-कश्मीर पूरी तरह से अशांत है और वहां कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है।
याचिकाकर्ता संगठन की ओर से पेश वरिष्ठ वकील भीम सिंह ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि जम्मू-कश्मीर के संविधान के अनुच्छेद-92 के तहत राज्यपाल शासन लगाया जा सकता है। लिहाजा, प्रदेश विधानसभा भंग करने का आदेश जारी किया जाए क्योंकि सरकार अपना दायित्व निभाने में विफल रही है।
इस पर एफएमएल कलीफुल्ला और एएम खानविल्कर की पीठ ने याचिकाकर्ताओं से पूछा कि वे इसके लिए जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट क्यों नहीं जाते? याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट बंद पड़ा है और वे अन्यत्र कहीं नहीं जा सकते। तब टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि इस याचिका पर अगले हफ्ते सुनवाई होगी।