जम्मू का पंचवक्तर महादेव मंदिर शिव रहस्यों से भरा हुआ है। सैकड़ों साल पुराने इतिहास को संजोए पंचवक्तर महादेव मंदिर जम्मू शहर के विश्व प्रसिद्ध रघुनाथ मंदिर से करीब दो सौ मीटर दूर स्थित है। यहां भी बड़ी संख्या में शिव भक्त रोजाना पहुंचते हैं। लगभग बीस कनाल में विस्तृत मंदिर परिसर में मंदिरों का समूह मौजूद है, जिसमें यहां के महंतों की समाधियां भी मौजूद हैं।
महादेव पंचमुखी हैं और यह शिवलिंग आपशंभू प्रकट हुए माने जाते हैं। वहीं, चांदी के सिक्के जड़े होने के कारण जम्मू में इसे रुपये वाले मंदिर के रूप में भी प्रसिद्धि है। जम्मू के पंचवक्तर मोहल्ले में इस महादेव मंदिर का निर्माण तब हुआ था, जब यहां पर जंगल था। इस मंदिर में हर प्रकार के शारीरिक और मानसिक कष्ट दूर होते हैं।
चालीस दिनों तक लगातार शिव पूजन करने वाले शिवभक्तों की यहां हर मुराद पूरी होती है। वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ प्रतिदिन रुद्राभिषेक होता है। चांदी के सिक्कों से सजा मंदिर का परिसर और महादेव मंदिर के प्रवेश द्वार अपनी विशेषता और भव्यता के लिए भी ऐतिहासिक है। हालांकि इस मंदिर परिसर में चांदी के सिक्कों को जड़ा जाता है, ताकि इसकी महत्ता बनी रहे।
यहां महाशिवरात्रि की तैयारियां जारी हैं। यहां सोलह फरवरी से ही शिव भक्त एकत्र होने लगते हैं। महाशिवरात्रि की रात चार चरणों में विशेष पूजा होती है। मंदिर के सेवकों और पुजारियों द्वारा मंदिर में सजावट का काम करवाया जा रहा है। यहां पर गोशाला भी है, जिसमें चालीस देसी गाय हैं, जिनके दूध से रुद्राभिषेक होता है।