रियासत में शहरी स्थानीय निकाय (नगर निगम, नगर पालिका) और पंचायती चुनाव जल्द होने की संभावनाएं लगभग गौण हो गई हैं।
कश्मीर में पिछले दो महीने से बिगड़े हालात ने चुनाव की तैयारियों पर पानी फेर दिया है। सरकार और चुनाव विभाग ने भी कश्मीर के हालात को देखते हुए चुनाव की तैयारियों को बीच में रोक दिया है।
जम्मू कश्मीर में पिछले छह साल से शहरी स्थानीय निकाय के चुनाव लंबित पड़े हुए हैं, जबकि पंचायतों का कार्यकाल जुलाई 2016 में संपन्न हुआ है। पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार ने पंचायती और स्थानीय निकाय चुनाव इसी साल करवाने की तैयारी की हुई थी।
इसके लिए चुनाव विभाग ने मतदाता सूचियों को दुरुस्त करने और वार्डों को रोटेशन के आधार पर आरक्षित करने की प्रक्रिया को भी पूरा कर लिया था।