कश्मीर में पंचायत और निकाय चुनाव को शांति पूर्ण ढंग से आयोजित करना राज्यपाल शासन के लिए चुनौती रहेगी। सुरक्षा कारणों से 2016 से लंबित पड़े अनंतनाग लोकसभा चुनाव तक नहीं हो पाए और अब 2019 लोकसभा के साथ ही यह सीट भरे जाने के आसार है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार लोकसभा चुनाव 2019 के लिए आधार तैयार करने के तहत राज्यपाल शासन में पंचायत और निकाय चुनाव करवाए जाने की तैयारी चल रही है।
सरकार चाहती हैं कि जमीनी स्तर पर चुनाव को करवाकर लोकसभा चुनाव के लिए जमीन तैयार की जा सकें। इसके लिए संबंधित विभाग और राज्य चुनाव विभाग तैयारियों में जुटा हुआ है। आगामी कुछ दिनों में चुनाव की अधिसूचना भी जारी हो सकती है। हालांकि चुनाव से पहले हालात को दुरुस्त करने की मांग सियासी दलों जिसमें नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सहित कई अन्य नेताओं की तरफ से की गई है।
आल जेएंडके पंचायत कांफ्रेंस के प्रधान अनिल शर्मा की माने तो पंचायत चुनाव के दौरान उम्मीदवारों की सुरक्षा को पुख्ता बनाया जाना चाहिए। जमीनी स्तर पर चुनाव को सफल बनाने के लिए लोगों में सुरक्षा के लिहाज से विश्वास पैदा होना चाहिए।