सख्ती से बौखलाए आतंकियों की नजर बरसात के मौसम पर है। आतंकियों की कोशिश है कि खराब मौसम की आड़ में घुसपैठ की जाए। हालांकि बीएसएफ ने भी विशेष कदम उठाए हैं। वैसे तो पूरे साल बीएसएफ के जवान अलर्ट रहते हैं। लेकिन मौसम के हिसाब से भी तैयारियां करनी पड़ती है। सूत्रों का कहना है कि आतंकी इंटरनेशनल बार्डर से घुसपैठ की फिराक में हैं।
गौरतलब है कि बरसात के मौसम में लगातार बारिश से फेंसिंग के पास कीचड़ भरा होता है। इसकी वजह से फेंसिंग के साथ बने रास्ते पर गश्त करने में दिक्कत आती है। कई बार देखा गया है कि बाढ़ आने की स्थिति में फेंसिंग को नुकसान भी पहुंचता है। सर्विलांस सिस्टम भी कभी-कभी प्रभावित होता है। जेनसेट से फेंसिंग के पास बिजली की व्यवस्था है, लेकिन कठुआ जैसे क्षेत्र में कई जगहों पर फेंसिंग नहीं भी है। कई अन्य तरह की दिक्कतें भी आती हैं।
आतंकी इन स्थितियों का लाभ उठाकर घुसपैठ करने की कोशिश करते हैं। पाकिस्तान के कई नालों का कठुआ में बहाव है। आतंकी इन नालों के जरिये भी घुसपैठ करने की फिराक में रहते हैं। पिछले चार साल में आतंकियों ने कठुआ जिले को घुसपैठ के लिए सबसे अधिक इस्तेमाल किया है। इसकी जानकारी एनआईए ने भी केंद्रीय गृह मंत्रालय को दे रखी है। बरसात में इस रूट से घुसपैठ की आशंका बनी रहती है।
बीएसएफ हमेशा तैयार
"साल के 365 दिन बीएसएफ अलर्ट पर रहती है। हां बरसात के मौसम में सरहद के पास कीचड़ जैसी समस्या आती है। लेकिन जवान पूरी तरह से अलर्ट पर हैं। अधिक सतर्कता से नजर रखी जा रही है। बीएसएफ हर मौसम के लिहाज से अपनी तैयारियों में बदलाव करती है। खराब मौसम से निपटने के लिए भी हमने बहुत से कदम उठाए हैं।"-अखिलेश्वर सिंह, पीआरओ, बीएसएफ