टेरर फंडिंग मामले में एनआईए की लगातार दूसरे दिन भी छापेमारी में महत्वपूर्ण दस्तावेज तथा विदेशी करेंसी हाथ लगी है। दूसरे दिन घाटी में छह और जम्मू में एक ठिकाने पर छापे डाले गए। एनआईए की टीम दो दिनों से रियासत में डेरा डाले हुए हैं। शनिवार को अलगाववादियों के 29 ठिकानों पर एक साथ छापे डाले गए थे।
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एनआईए प्रवक्ता का कहना है कि छापेमारी आतंकी गतिविधियों को फंडिंग करने वालों की धरपकड़ के लिए की गई है। इसमें पत्थरबाज, स्कूलों को जलाने तथा सरकारी प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचाने वाले भी शामिल हैं।
घाटी में अलगाववादी नेता तथा तहरीक-ए-हुर्रियत (गिलानी के नेतृत्व वाली) के प्रवक्ता अय्याज अकबर तथा गिलानी के करीबी पीर सैफुल्लाह के आवास पर छापे मारे गए। जम्मू में क्रास एलओसी ट्रेड से जुड़े कारोबारी के आवास तथा वेयर हाउस स्थित प्रतिष्ठान पर छापेमारी की गई। यहां से यूएई तथा सऊदी अरब की करेंसी और कुछ हजार पाकिस्तान करेंसी के नोट बरामद किए।
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पहले बरामद हुए थे आतंकी संगठनों के लेटरहेड
एनआईए कर रही है जांच
- फोटो : demo pics
एनआईए को शक है कि उड़ी के सलामाबाद तथा पुंछ के चक्का दा बाग से क्रास एलओसी ट्रेड से जुड़े कुछ कारोबारी बिल में गड़बड़ी करते हैं। या तो कम का बिल बनाया जाता है या ज्यादा का और इस अंतर की राशि को घाटी में आतंकी गतिविधियों तथा पत्थरबाजी को बढ़ावा देने में इस्तेमाल किया जाता है।
छापे के दौरान फोन डायरी, मोबाइल फोन तथा कच्चा वाउचर भी जब्त किए गए हैं। कुछ बैंक एकाउंट तथा लॉकर भी सीज किए गए हैं। अलगाववादियों के 29 ठिकानों पर शनिवार को एक साथ डाले गए छापों में एनआईए के हाथ लश्कर और हिजबुल जैसे आतंकी संगठनों के लैटर हेड समेत कई अहम सुराग लगे थे। तीस साल में यानी 90 के दशक में आतंकवाद पनपने के बाद से पहली बार किसी केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा इतने बड़े पैमाने पर छापेमारी की गई है।
इस मामले में लश्कर सरगना हाफिज सईद समेत कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इसके साथ ही गिलानी और मीरवाइज उमर फारूक के अलग-अलग धड़ों वाली हुर्रियत कांफ्रेंस, हिजबुल मुजाहिदीन, दुख्तरान-ए-मिल्लत और लश्कर-ए-तैइबा तथा पाकिस्तान स्थित जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज सईद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
शनिवार को हुर्रियत (जी) के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी के दामाद अल्ताफ फंटूश, जावेद गाजी बाबा, बिट्टा कराटे, नईम खान, शाहिदुल इस्लाम, मेहराज कल्वाल, जफर अकबर भट, राजा जहूर आदि अलगाववादियों समेत जहूर वटाली (रीयल एस्टेट कारोबारी), जहूर सुल्तान चादनू (ड्राई फ्रूट कारोबारी), बशीर नेंगरू और मुश्ताक अहमद चाया (मुमताज ग्रुप के मालिक) और मंजूर वांगनू के घर छापेमारी की गई थी।
हालांकि, मुश्ताक अहमद चाया और मंजूर वांगनू ने छापे से इनकार किया है। कश्मीर, दिल्ली और हरियाणा में कुल 29 जगहों पर की गई छापेमारी के दौरान एनआईए द्वारा दो करोड़ नकदी, संपत्ति संबंधी दस्तावेज, हिजबुल मुजाहिदीन और लश्कर जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के लेटर हेड, कई लैपटॉप, पेन ड्राइव और कुछ अहम दस्तावेज बरामद किए गए थे।