अमूमन गर्मियों में काफी देर से लांचिंग पैड सक्रिय होते थे लेकिन इस बार दुमैल, सरदारी तथा ढक्की में आतंकियों की मौजूदगी अभी से दिखने लगी है। शरडी, नीलम घाटी, नौशेरा, चकोटी, खोजा बांदी और हाजीपीर में भी आतंकी गतिविधियां तेज हुई हैं। इन लांचिंग पैड का इस्तेमाल करते हुए आतंकी 18 सितंबर, 2016 को उड़ी सैन्य कैंप में दाखिल हो गए थे।
सेना के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि पीओके में बने लांचिंग पैड में तैयार बैठे कई आतंकियों के कोरोना से संक्रमित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। इस वजह से और अधिक सतर्कता बरतने की हिदायत दी गई है। अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि सीमा पर आतंकियों या घुसपैठियों से मुठभेड़ होने के बाद उनके शवों के पास जाने से पहले अत्यधिक सावधानी बरतें।
15वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू रोजाना एलओसी पर घुसपैठ की स्थिति पर बैठक कर रहे हैं। काउंटर इंफिल्ट्रेशन ग्रिड को मजबूत करने के साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी आतंकी एलओसी पार कर घाटी में दाखिल न हो सके। इस बात का भी ख्याल रखा जा रहा है कि सीमा पार से आतंकियों को धकेलने के लिए की जा रही गोलाबारी की आड़ में घुसपैठ सफल न होने पाए।