पाकिस्तानी गोला दिखाते ग्रामीण
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अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान ने गुरुवार रात भारी गोलाबारी करते हुए रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया। इसमें मनियारी गांव का एक ग्रामीण घायल हो गया, जबकि परिवार के चार अन्य सदस्य बाल-बाल बच गए। रात करीब साढ़े नौ बजे पाकिस्तानी रेंजर्स ने बिक्के चक व जगुवाल पोस्ट से गोलाबारी शुरू की। पहले मशीन गन का इस्तेमाल किया उसके बाद मोर्टार दागने शुरू कर दिए। पाकिस्तान की इस नापाक हरकत का बीएसएफ ने मुंहतोड़ जवाब दिया। गोलाबारी सुबह साढ़े पांच बजे तक चली।
बीएसएफ की मनियारी व सतपाल पोस्ट को निशाना बनाने के बाद मनियारी गांव पर गोले दागने शुरू कर दिए। रात करीब एक बजे एक मोर्टार इसी गांव के रमेश चंद्र पुत्र संसार चंद के घर के नजदीक फटा। जिसके छर्रे लगने से रमेश चंद्र घायल हो गया।
स्थानीय लोगों के सहयोग से बीएसएफ के जवानों ने उसे घायल अवस्था में हीरानगर उपजिला अस्पताल पहुंचाया जहां से उसे जीएमसी कठुआ रेफर कर दिया गया। इस घटना में घर में सो रहे परिवार के बाकी चार सदस्य बाल बाल बच गए। इसी गांव के खेतों में भी कई गोले गिरे। इससे धान की फसल को भी नुकसान पहुंचा है।
मनकोट में एलओसी पर ढाई घंटे गोलाबारी
पाकिस्तानी ने शुक्रवार सुबह पांच बजे संघर्ष विराम का उल्लंघन कर पुंछ के मनकोट सेक्टर में सेना की चौकियों के साथ रिहायशी इलाकों में गोलाबारी की। सेना ने इसका कड़ा जवाब दिया। करीब ढाई घंटे तक दोनों तरफ से गोलाबारी जारी रही। सीमावर्ती गांवों के लोगों में डर का माहौल है। गांव बलनोई में कुछ किसानों की खेत में इकट्ठा की गई मक्की और घास को आग लगने से नुकसान पहुंचा है।
गांव में गिरा गोला नष्ट करने की मांग
गांव दबराज में भी एक मकान के पास गोला गिरा जो फटा नहीं है, ग्रामीणों ने प्रशासन और सेना से पाकिस्तानी गोले को निष्क्रिय करने की मांग की। यह गोलाबारी सुबह करीब साढ़े सात बजे तक जारी रही।