बीस साल तक रियासत की विभिन्न जेलों में रहने वाले पाकिस्तानी नागरिक सैयद सज्जाज बुखारी को प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मोहन सिंह परिहार ने बरी कर दिया।
बुखारी को जेएंडके पुलिस ने 1995 में पब्लिक सेफ्टी एक्ट (पीएसए) के तहत गिरफ्तार किया था। प्रोफेसर भीम सिंह ने पाकिस्तानी और पीओके कैदियों की रिहाई के लिए याचिका दायर की थी।
आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोपी व सबसे पुराने कैदियों में से एक बुखारी और कश्मीरी कैदी रियाज अहमद हाजी को अदालत ने बरी कर दिया। बुखारी का केस अन्य विदेशी कैदियों के साथ अदालत में रखा गया था।
बुखारी वर्तमान में पंजाब के संगरूर जेल में कैद है। इससे पहले वह नैनीताल, राजस्थान और देश दे अन्य जेलों में भी रह चुका है। रियाज अहमद हाजी उत्तर प्रदेश के जेल में है और स्टेट लीगल एड कमेटी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने उसे जमानत दे दी।
बुखारी और रियाज को जेएंडके पुलिस ने धारा 302 के तहत गिरफ्तार किया था। इसके अलावा उनके ऊपर आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के भी आरोप लगे। स्टेट लीगल एड कमेटी के प्रदेश सचिव एडवोकेट बंसी लाल शर्मा लंबे समय से उनका केस लड़ रहे हैं।
एडवोकेट शर्मा के अनुसार उन्होंने इनका केस बिना किसी फीस के लड़ा और अंतत: कानून की जीत हुई। शर्मा ने प्रोफेसर भीम सिंह के प्रयासों की भी सराहना की, जिनकी बदौलत लोगों की रिहाई हो सकी।