कश्मीर घाटी में पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट के जरिये झूठ फैलाकर तनाव पैदा करने की साजिश रची जा रही है। ऐसे ही 500 से अधिक फर्जी प्रोफाइल कश्मीर साइबर पुलिस के राडार पर हैं और कई अकाउंट्स तो पुलिस बंद भी कर चुकी है।
सूत्रों के मुताबिक पहले यह प्रचार घाटी में बैठे शरारती तत्व फर्जी प्रोफाइल बनाकर करते थे लेकिन इंटरनेट पर पाबंदी के बाद यह सीमा पार पाकिस्तान शिफ्ट हो गया है। अब ज्यादातर गुमराह करने वाले वीडियो पाकिस्तान से ही सोशल मीडिया पर डाले जाते हैं ताकि घाटी में माहौल बिगड़ सके।
साइबर सेल कश्मीर के प्रभारी और एसपी ऑपरेशंस ताहिर अशरफ भट्टी के अनुसार सोशल मीडिया पर विभिन्न गुमनाम प्रोफाइल सक्रिय हैं जो राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देे रहे हैं। यह अकाउंट या तो यहां से या फिर पाकिस्तान या किसी अन्य देश से ऑपेरेट होते हैं। भट्टी के मुताबिक इनसे निपटने के लिए हमारे पास आधुनिक तकनीक है। हम इस संबंध में समय-समय पर लोगों को आगाह भी करते रहते हैं।
आईजीपी के मामले में दो लोगों की शिनाख्त
बता दें कि हाल ही में जम्मू-कश्मीर पुलिस के कश्मीर रेंज के आईजीपी विजय कुमार का भी उनकी तस्वीर के साथ फर्जी अकाउंट बनाया गया था। इस अकाउंट से कई पत्रकारों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भी भेजी गई थी। इसके बाद आईजी कश्मीर ने एक बयान जारी कर कहा था कि कुछ शरारती तत्वों ने उनके नाम और फोटो का उपयोग कर फर्जी अकाउंट बनाा है, कोई भी इसे रिस्पोंड न करे।
इस मामले में साइबर पुलिस ने 22 अगस्त 2020 को केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। इस संबंध में ताहिर अशरफ भट्टी ने कहा कि कई हैकर्स ऐसे अकाउंट बनाते हैं, जिन्हें क्रै क करना आसान होता है लेकिन कभी दिक्कत भी आती है। इस बीच आईजीपी के मामले को लेकर दो लोगों की शिनाख्त हो चुकी है। एक हरियाणा और दूसरा राजस्थान से है। दोनों राज्यों की पुलिस से जानकारी सांझी कर उनसे सहयोग मांगा गया है और जल्द ही गिरफ्तारी अंजाम दी जाएगी।
मुठभेड़ को दौरान भड़काने की घटनाओं में कमी
वहीं साइबर पुलिस की सख्ती का लाभ घाटी में सुरक्षाबलों को भी मिला है। मुठभेड़ के दौरान वीडियो वायरल कर लोगों को भड़काने की घटनाओं में काफी कमी आई है। इसमें कई एडमिन के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है। साइबर पुलिस के प्रभारी ताहिर अशरफ का कहना है कि ऐसी घटनाओं में जो गिरावट देखने को मिल रही है वो सुरक्षाबलों का संयुक्त प्रयास है।