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पड़ोसी मुल्क घाटी में शांति को बाधित करने को आतंकियों की कर रहा मदद : सत्यपाल मलिक

Sat, 26 Jan 2019 02:19 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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सत्य पाल मलिक - फोटो : PTI
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राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा है कि हमारा पड़ोसी मुल्क लगातार इस राज्य की शांति और सद्भावना को बाधित करने के लिए आतंकवादियों की मदद कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर आतंकवादियों की घुसपैठ कराने की कोशिश बार-बार हो रही है। बार-बार हो रहे युद्ध-विराम उल्लंघनों ने सीमावर्ती लोगों की मुसीबतों को बढ़ा दिया है। सरकार इन लोगों की परेशानियों को दूर करने के लिए जरूरी कदम उठा रही है।

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गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर उन्होंने कहा कि यह बहुत दुख की बात है कि हमारे कुछ युवाओं, जिनमें से कुछ व्यावसायिक शिक्षा हासिल कर रहे थे, ने हिंसावादी समूहों से प्रभावित होकर बंदूक उठा ली है। इससे घाटी में लोगों की कठिनाइयों और कष्टों में वृद्धि हुई है। हिंसा और टकराव हमारी किसी भी समस्या का समाधान नहीं कर सकता। कायराना हिंसा की वजह से कई कीमती और मासूम जानें गई हैं। जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उन शोक-संतप्त परिवारों के प्रति हमारा दिल भर जाता है। हमें शांति बहाली के साथ ही हमेशा के लिए हिंसा के ऐसे भद्दे दागों को हटाने के तरीके खोजने होंगे। यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है और लोगों के सक्रिय सहयोग और समर्थन के साथ ही इसका समाधान किया जा सकता है। 

सिविल सोसाइटी, राजनीतिक दलों, राज्य के सभी सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और अन्य संगठनों के नेताओं से अपील है कि वे आगे आएं और रियासत को सम्पन्न बनाने में सहयोग दें, जो दूसरे राज्यों के लिए आदर्श बने। राज्य में विकास तथा शासन व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन लाने की प्रक्रिया तब तक जारी रहेगी जब तक कि राज्य में लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित सरकार नहीं बनती। सरकार गुड गर्वेन्स और मिशन डिलवरिंग डेवलपमेंट के लिए लगातार काम करती रहेगी।
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भ्रष्टाचार विकट समस्या
भ्रष्टाचार एक विकट समस्या है, जिसका हम सभी को सबसे अधिक ठोस, सामंजस्यपूर्ण और निर्धारित तरीके से सामना करना होगा। इस खतरे से अच्छी तरह तभी लड़ा जा सकता है जब एक उपयुक्त संस्थागत ढांचा होगा। राज्य में पहली बार भ्रष्टाचार निरोधी ब्यूरो (एसीबी) की स्थापना की गई है। यह मिशन गुड गर्वेन्स एंड डेवलपमेंट के महत्वपूर्ण घटकों में से एक है। इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सतर्कता आयोग अधिनियम में संशोधन किया गया है। इसे और अधिक मजबूत बनाने के लिए भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम में भी संशोधन किया है।

शिकायत निवारण को प्राथमिकता
नागरिकों की शिकायतों के निवारण को प्राथमिकता दी गई है। राज्य शिकायत निवारण सेल के साथ-साथ जिला शिकायत निवारण सेल का भी गठन किया गया है। सलाहकार और मुख्य सचिव नियमित रूप से लोगों की समस्याओं को सुन कर उनका समाधान कर रहे हैं। कर्मचारियों की सेवा संबंधी शिकायतों को दूर करने के लिए सेवा शिकायत निवारण सेल का भी गठन किया गया है।

पुलिसकर्मियों के कल्याण को कई उपाय
राज्य सरकार ने पुलिस कर्मियों के कल्याण के लिए कई उपाय किए हैं, जिनमें विभिन्न स्तरों पर पदोन्नति, एसपीओ के लिए मानदेय में वृद्धि, हिंसा तथा आतंकवाद से संबंधित घटनाओं में मारे जाने वाले पुलिस कर्मियों, एसपीओ, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और सैनिकों के परिजनों को राहत-राशि तथा हार्डशिप एलाउंस में वृद्धि शामिल है। सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति और अन्य सेवा संबंधी मामलों को प्राथमिकता दी जा रही है।

पंचायतों को बनाया गया और सशक्त
पंचायती राज एक्ट 1989 में कुछ संशोधन किए गए हैं जिसमें उन्हें और अधिक सशक्त बनाया गया है। यह संशोधन पंचायतों को राजस्व प्राप्ति के लिए टैक्स संबंधी अधिकार प्रदान करता है। पंचायतों को 21 विभागों के कार्य और अधिकार दिए गए हैं। विकास गतिविधियों के लिए पंचायतों को हर साल 2300 करोड़ रुपये और शहरी स्थानीय निकायों को हर साल 1200 करोड़ रुपये विकास निधि के रूप में दिए जाएंगे। 80 हजार करोड़ के प्रधानमंत्री पैकेज से विकास कार्यों को गति दी जा रही है। यह राज्य में शांति, समृद्धि और विकास को सुनिश्चित करेगा।

रुके प्रोजेक्ट को आठ हजार करोड़ से मिलेगी गति
धन की कमी से राज्य में कई ढांचागत परियोजनाएं रुक गई थी। इनमें से कुछ पांच वर्षों से अधिक समय से अटकी पड़ी थीं। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार ने जम्म-कश्मीर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फाइनेंशियल कारपोरेशन का गठन किया है। इसे विकास के लिए 8 हजार करोड़ रुपये का लोन लेने का अधिकार दिया है। अब तक 3631 करोड़ रुपये के निवेश से प्रमुख क्षेत्रों में 1644 अधूरी पड़ी हुई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। ये परियोजनाएं अगले 18 महीनों में पूरी हो जाएंगी और राज्य की विकास आवश्यकताओं को गति प्रदान करेंगी। 

कई पनबिजली परियोजनाओं को मंजूरी
कठुआ में 1210 मीटर कीडियां-गंडियाल पुल का निर्माण अंतरराज्यीय सड़क संपर्क के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि है। जम्मू और श्रीनगर रिंग रोड बनाने के लिए जमीन नेशनल हाईवे अथॉरिटी को सौंप दी गई है। इन परियोजनाओं पर काम शुरू हो गया है। सरकार ने प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य) के तहत सौ फीसदी घरों में निर्धारित समय से पहले बिजली पहुंचाई है। सभी पंजीकृत बिजली उपभोक्ताओं को 24 गुणे 7 बिजली प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बिजली के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए 7 हजार करोड़ रुपये की लागत वाले 90 फीसदी से ज्यादा परियोजनाओं को आवंटित किया गया है। 

पिछले पांच वर्षों से लटकी हुई रेटले पनबिजली परियोजना को केंद्र के साथ साझे कार्यक्रम के तहत मंजूरी दी गई है। 850 मेगावाट की यह बिजली परियोजना राज्य में ऊर्जा क्षेत्र को और अधिक मजबूत बनाएगी। 4708 करोड़ 60 लाख रुपये की 624 मेगावाट किरू पनबिजली परियोजना को संयुक्त उपक्रम में पूरा करने को मंजूरी दी गई है। यह 220 किलोवाट श्रीनगर-कारगिल- लेह ट्रांसमिशन लाइन को चालू कर लद्दाख को राष्ट्रीय ग्रिड के साथ जोड़ा गया है। शाहपुर कंडी बांध परियोजना पर एमओयू साइन हुआ। इससे सांबा व कठुआ जिले में 32 हज़ार हेक्टेयर से ज्यादा जमीन की सिंचाई होगी। इसके अलावा रियासत को इस परियोजना से 20 फीसदी बिजली प्राप्त होगी। 5850 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले उज्ज मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी गई है। इस प्रोजेक्ट से कठुआ जिले की और 31 हजार हेक्टेयर जमीन की सिंचाई होगी और 186 मेगावाट बिजली भी पैदा होगी। 

लद्दाख में विश्वविद्यालय की स्थापना
लद्दाख में यूनिवर्सिटी स्थापित की गई है। लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी परिषद को अधिक शक्तियां और अधिकार प्रदान करने के लिए संबंधित अधिनियम में संशोधन किया गया है। रियासत में 40 नए डिग्री कालेज खोले जा रहे हैं। रियासत से बाहर विभिन्न शहरों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए लाइजन अफसर नियुक्त किए जा रहे हैं। इसके साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए अन्य कई कार्य किए गए हैं। 

रियासत हुआ शौच मुक्त
सितंबर 2018 के दौरान जम्मू-कश्मीर को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित किया गया है। पूरे राज्य में 10 लाख से अधिक शौचालयों का निर्माण किया गया है। 

स्टार्ट अप और निर्यात नीति
राज्य में स्टार्ट-अप को सुविधाजनक बनाने और उनको बढ़ावा देने के लिए स्टार्ट-अप नीति तैयार की गई है। सरकार ने अब तक की पहली व्यापार और निर्यात नीति तैयार की है। इस नीति का उद्देश्य अगले दस साल में घरेलू व्यापार को पांच गुना बढ़ाना है।

पर्यटन को बढ़ावा
पर्यटन हमारे समग्र विकास और रोजगार की नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। सरकार इस क्षेत्र की क्षमताओं का भरपूर इस्तेमाल करने के लिए प्रतिबद्ध है। घाटी की स्थिति के बारे में नकारात्मक धारणा से उत्पन्न इस क्षेत्र की चुनौतियों को दूर करने के लिए हमने प्रभावी अभियान शुरू किया है। पिछले कुछ महीनों के दौरान पहलगाम और गुलमर्ग में होटल लगभग 100 फीसदी भरे हुए हैं। वर्ष 2017 में श्री माता वैष्णो देवी जी के दर्शन के लिए आने वाले 81.78 लाख तीर्थयात्रियों के मुकाबले वर्ष 2018 में यह संख्या 85.87 लाख थी। अमरनाथ यात्रा के लिए तीर्थयात्रियों की संख्या वर्ष 2017 में 2.60 लाख से बढ़कर 2018 में 2.85 लाख हो गई। लद्दाख क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार ने अधिक पर्यटक और ट्रैकिंग मार्ग खोलने के हमारे प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

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