भारतीय सेना की तरफ से मुंहतोड़ जवाब मिलने से पाकिस्तानी सेना लगातार गोलीबारी के मोर्चे बदलने को मजबूर हो रही है। यही वजह है कि शुक्रवार को दोपहर बाद उसने पुंछ जिले से अपने मोर्चे को बदलते हुए सुंदरबनी में सीजफायर का उल्लंघन किया। इस गोलाबारी में भारतीय सेना का एक पोर्टर जख्मी हुआ है। उसे उपचार के लिए हवाई मार्ग से उधमपुर भेजा गया है। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार हेमराज पुत्र ताराचंद निवासी कलासरा जो दादल क्षेत्र में सेना के पोर्टर के तौर पर काम करता था। शुक्रवार को दोपहर में 3:30 बजे पाकिस्तान ने हल्के हथियारों से गोलाबारी शुरू कर दी। हेमराज के पैर में गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे सीमा पर बने सेना के अस्थायी चिकित्सा केंद्र पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे हवाई मार्ग से उधमपुर भेजा गया। जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
पुंछ की तरह सुंदरबनी में भी भारतीय सेना ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। भारतीय सेना के जवान पहले से ही सतर्क थे। इसलिए जैसे ही पाकिस्तान की तरफ से गोलीबारी शुरू की गई, भारतीय सेना के जवानों ने फायर झोंकना शुरू कर दिया। इसके चलते 10 मिनट में ही पाकिस्तानी सेना की बंदूकें शांत हो गईं। ऐसे में एक बार फिर पाकिस्तान को कड़ा सबक मिला है, जिससे वह आतंकी घुसपैठ की अपनी मंशा में कामयाब नहीं हो पाया।
गौरतलब है कि पाकिस्तान ने वीरवार को पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा पर दिगवार सेक्टर में गोलाबारी की थी। यह दस दिन में सीजफायर उल्लंघन का आठवां मामला था। 11 दिनों में एलओसी पर सीजफायर उल्लंघन की सबसे ज्यादा छह वारदातें करमाड़ा सेक्टर में हुईं। दरअसल पाकिस्तान गोलीबारी की आड़ में आतंकियों को भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करवाना चाहता है, लेकिन भारतीय सेना की सतर्कता की वजह से वह ऐसा नहीं कर पा रहा है। इसीलिए उसने अब सुंदरबनी को भी निशाना बनाना शुरू किया है।