भारतीय सेना के सर्जिकल आपरेशन की तैयारियों से सहमे पाकिस्तान ने पीओके के 12 आतंकी कैंपों को बंद कर दिया है।
इसके अलावा छह आतंकी प्रशिक्षण कैंपोँ को ठिकाने बदल दिए गए हैं। इन कैंपों को एलओसी से हटाकर पीओके के अंदरुनी जंगली इलाकों में ले जाया गया है।
पीओके में 45 से 50 आतंकी प्रशिक्षण शिविर हैं जिनमें से 42 के बारे में भारतीय सेना के पास पुख्ता इनपुट हैं। एलओसी पर पाकिस्तान सेना की तैनाती भी बढ़ी है और एलओसी पर उड़ी के अलावा घाटी के कई इलाकों में पीओके के गांव खाली कराए गए हैं। हांलाकि भारतीय सेना किसी आपरेशन की जल्दीबाजी में नहीं है लेकिन पाकिस्तान की ओर से युद्ध जैसे हालत के लिए तैयारियां चल रही हैं।
LoC पर अतिरिक्त तोपों की तैनाती की गई
मुठभेड़ के दौरान मोर्चा संभाल जवान
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सेना के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक उड़ी से सटे पीओके के जंगली इलाकों और मुजफ्फराबाद के लगभग एक दर्जन आतंकी कैंपों को बंद कर दिया गया है।
सुरक्षा एजेंसियों को इस आशय के इनपुट मिले हैं। एजेंसियों ने आतंकी कैंपों को शिफ्ट करने से संबंधित कुछ वीडियो फुटेज भी हासिल किए हैं।
उड़ी हमले के बाद भारतीय सेना के दो नए ब्रिगेड इस इलाके में भेजे गए हैं। इसके अलावा अतिरिक्त तोपों और आधुनिक उपकरणों की तैनाती बढ़ाई गई है। इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान सेना पीओके के कई गांव खाली कराए।
लांचिंग पैड से आतंकियों को हटाया गया
एलओसी पर तैनात जवान
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सूत्रों के मुताबिक पीओके स्थित आतंकियों के लांचिंग पैड से भी आतंकियों को कहीं और शिफ्ट किया जा रहा है। इन लांचिंग पैड के स्थान पर अब पाकिस्तान सेना ने पोजीशन ले ली है।
सेना के उच्चाधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान की ओर से अब जम्मू संभाग के एलओसी क्षेत्रों से घुसपैठ कराई जा सकती है। राजोरी, पुंछ और बार्डर के सांबा, कठुआ इलाके इस दृष्टिकोण से संवेदनशील हैं।
सीजफायर के उल्लंघन की आशंका के मद्देनजर इन इलाकों में बंकरों को साफ कराया गया है। बारिश के कारण इन बंकरों में पानी और कीचड़ भरे थे। घाटी और जम्मू संभाग के एलओसी और बार्डर इलाकों में सेना के बंकरों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है।
उड़ी हमले में शहीद हुए थे सेना के 18 जांबाज
उड़ी में मुठभेड़ के दौरान सेना के जवान
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गौरतलब है कि 18 सितंबर का चार फिदायीन हमलावारों के दल ने उड़ी स्थित सेना के ब्रिगेड मुख्यालय पर हमला किया था। इस हमले में सेना के 18 जवान शहीद हो गए थे जबकि 18 अन्य घायल हो गए थे।
हमले के बाद से ही देश की जनता और विपक्ष सरकार से आतंकी कैंपों को ध्वस्त करने की मांग कर रहे हैं। इस बार मोदी सरकार भी पाकिस्तान को कड़ा जवाब देने के मूड में नजर आ रही है।