जम्मू। पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान बेशक कंगाल है, लेकिन आतंकवाद पर पानी की तरह पैसा बहा रहा है। जम्मू-कश्मीर में मौजूद आतंकियों तक हथियार पहुंचाने के लिए लाखों रुपये दिए जा रहे हैं। हथियार लेकर भेजे जा रहे ड्रोन के साथ ही पैसों के बंडल भी भेजे जाते हैं। प्रति फेरे पर पांच लाख रुपये तक दिए जा रहे हैं। सोशल मीडिया के जरिये आतंकी संगठन आतंकी मददगारों से संपर्क करते हैं। इसके बाद उन्हें मोटी रकम देकर ड्रोन से भेजी जाने वाली खेप रिसीव करने का टारगेट दिया जाता है। इस तरह के मामलों की जांच करने वाली विभिन्न एजेंसियों ने इसकी जानकारी जुटाई है।
पिछले एक साल में जम्मू में जितने भी आरोपी ड्रोन से हथियार बरामद करने के मामले में गिरफ्तार किए गए हैं, इन सभी ने मोटी रकम लेकर ड्रोन से हथियार लिए हैं। जम्मू के नरवाल इलाके में गिरफ्तार तीन लोगों ने हथियार रिसीव करने और पहुंचाने के लिए छह लाख रुपये लिए थे। आरएस पुरा में गिरफ्तार आतंकी मददगारों ने दो लाख रुपये लिए थे। कठुआ में गिरफ्तार आतंकी ने भी बड़ी रकम ली थी। जम्मू के खटीकां तालाब से गिरफ्तार आतंकी फैजल मुनीर भी एक फेरे के लिए दो लाख रुपये तक लेता था। एनआईए, बीएसएफ, पुलिस और सेना द्वारा ड्रोन के जरिये भेजी जाने वाली खेप मामले में गिरफ्तार आतंकी मददगारों से पूछताछ में पता चला है कि इन सभी लोगों को ड्रोन के साथ ही पैसा पैक करके भेजा गया था।
------
आनलाइन ट्रांजेक्शन से बच रहे
आतंकी संगठन इससे पहले आतंकी गतिविधियों के लिए मददगारों के बैंक खातों में ही पैसे ट्रांसफर कर देते थे। या फिर अपने मददगारों की ओर से हवाला का पैसा पहुंचाते थे। लेकिन जब हवाला के पैसे और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन पर शिकंजा कसा गया तो अब ड्रोन से ही पैसा भेजा जा रहा है। हवाला और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन पकड़ में आने से इसका सहारा लिया जा रहा है।