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बौखलाया पाकिस्तान, रिहायशी इलाकों को बना रहा निशाना, एक हफ्ते में दो जवान शहीद, चार अन्य घायल

Wed, 21 Aug 2019 11:20 PM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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एलओसी - फोटो : फाइल, अमर उजाला
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अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से बौखलाए पाकिस्तान की ओर से 15 अगस्त से लगातार एलओसी पर की जा रही फायरिंग में अब तक दो जवान शहीद हो चुके हैं, जबकि एक नागरिक की मौत हुई है। चार जवान तथा एक बच्ची घायल भी हुई है। 
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मंगलवार को जिले के मेंढर के मनकोट, कृष्णा घाटी और कीरनी सेक्टर में पाकिस्तानी सेना ने अग्रिम चौकियों तथा रिहायशी इलाकों को निशाना बनाकर गोले दागे। इसमें एक जवान शहीद हो गया। चार अन्य जवान घायल हुए हैं। एक नागरिक की भी मौत हो गई। रविवार को पुंछ के मनकोट, राजोरी के नौशेरा व जम्मू के पलांवाला सेक्टर में सेना की चौकियों के साथ ही रिहायशी इलाकों को निशाना बनाकर की गई फायरिंग में पुंछ में 10 साल की लड़की घायल हो गई थी। 

इससे पहले शनिवार को नौशेरा सेक्टर में की गई गोलाबारी में देहरादून निवासी लांस नायक संदीप थापा शहीद हो गए थे। स्वतंत्रता दिवस पर भी पाकिस्तान ने कृष्णा घाटी सेक्टर में सेना की चौकियों तथा रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया था।
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अब पलांवाला सेक्टर में दागे गोले

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए हटाए जाने के बाद से बुरी तरह से बौखलाया पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। बुधवार दोपहर एलओसी पर पलांवाला सेक्टर में पाकिस्तानी सेना ने सीजफायर का उल्लंघन करते हुए करीब पौने दो घंटे तक गोलाबारी की। सैन्य चौकियों के साथ ही रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया। अचानक शुरू हुई गोलाबारी से क्षेत्र के लोग अपने घरों और सुरक्षित स्थानों पर चले गए।

पाकिस्तान ने बुधवार को शाम करीब 3.45 बजे पलांवाला सेक्टर के बरडोह, बट्टल तथा केरी क्षेत्र में गोलाबारी शुरू कर दी। इन गांवों के आसपास कई गोले गिरे, लेकिन किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ। एलओसी पर तैनात सेना की 18 जैक राइफल और 20 मोहार के जवानों ने  गोलाबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया। गांव बट्टल निवासी रतन लाल और यशपाल शर्मा ने बताया कि दोपहर पौने चार बजे के करीब अचानक शुरू हुई गोलाबारी के बाद से गांव के सभी लोग घरों के अलावा सुरक्षित स्थानों पर चले गए। गोलाबारी की आवाज सुनकर खेतों में घास आदि लेने गए किसान भी घरों की तरफ भागे।

वहीं गांव बरडोह निवासी सुरेश कुमार, सरपंच मगों देवी तथा जगन्नाथ ने बताया कि उनके गांव के भी इर्द-गिर्द गोले गिरे हैं, लेकिन कोई नुकसान नहीं हुआ है। सूत्रों के मुताबिक सेना ने क्षेत्र के सरपंचों, पचों तथा नंबरदारों को आगाह कर दिया है कि पाकिस्तानी सेना को हमें भी करारा जवाब देना है। इसलिए ज्यादा देर खेतों में न रुकें और जो सीमावर्ती गांव हैं वह लोग रात या दिन में भी गांव के चौराहे या किसी भी स्थान पर इकट्ठे होकर नहीं बैठें।
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