घात लगाए बैट ने ड्रेस के चक्कर में ही धमाका कर दो पोर्टरों को उड़ा दिया। इससे पहले सुंदरबनी सेक्टर में गत 16 दिसंबर को बैट हमला किया गया था। पुंछ व राजोरी जिले को फिलहाल सॉफ्ट टारगेट बनाने के पीछे यहां की भौगोलिक परिस्थितियां सहायक हैं। यहां पहले भी हमले हुए हैं, लेकिन इन दिनों घाटी में बर्फबारी के कारण एलओसी क्रॉस कर पाना मुश्किल है।
इस वजह से सारा ध्यान इन्हीं दो जिलों के कम बर्फबारी वाले इलाकों पर केंद्रित कर रखा है। दोनों जिलों की भौगोलिक परिस्थितियों को आतंकी घात लगाकर हमलों के लिए भी इस्तेमाल कर रहे हैं। घने जंगलों के कारण छिपकर सेना की मूवमेंट की जानकारी हासिल करने में आसानी रहती है। इनका निशाना खासकर एलओसी की पेट्रोलिंग पार्टी व अग्रिम पोस्ट हैं। बैट कई दिनों तक पेट्रोलिंग पार्टी की मूवमेंट पर नजर रखने के बाद घटना को अंजाम देती है।
एलओसी पर बैट हमले के संभावित खतरे को देखते हुए सेना पूरी तरह सतर्क है। दुश्मनों की किसी भी प्रकार की कोशिश को नाकाम बनाया जाएगा। उनकी हर गतिविधियों पर पैनी नजर है।
- सैन्य प्रवक्ता