पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में बड़े पैमाने पर घुसपैठ करवाकर आतंकवाद को बढ़ावा देने की फिराक में है। खुफिया जानकारी के मुताबिक नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास उसने 20 आतंकी कैंप और इतने ही लांच पैड सक्रिय कर दिए हैं। अधिकारियों ने बताया, सर्दी शुरू होने से पहले पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर के रास्ते भारत में आतंकियों की घुसपैठ कराना चाहता है। घुसपैठ की आशंका को देखते हुए भारतीय सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। सुरक्षा बलों ने सीमा पर गश्त बढ़ा दी है।
जानकारी के मुताबिक एलओसी के पास पहले से मौजूद इन आतंकी कैंपों और लांच पैड को पाकिस्तान ने बालाकोट में भारतीय एयर स्ट्राइक के बाद बंद कर दिया था। अब इन आतंकी कैंपों और लांच पैड को दोबारा सक्रिय कर दिया गया है। सर्दी शुरू होने से पहले पाक बड़ी संख्या में आतंकियों की जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ कराना चाहता है। हर कैंप और लांच पैड में कम से कम 50 आतंकी मौजूद हैं।
एक सुरक्षा अधिकारी के मुताबिक, अनुच्छेद 370 हटने के बाद पाक की एजेंसियां जम्मू-कश्मीर में बड़े आतंकी हमलों को अंजाम देने की साजिश रच रही है। हालांकि सुरक्षाबलों की तैनाती और मुस्तैदी के चलते पाक इस मंसूबे में अब तक कामयाब नहीं हो सका है। दूर-दराज के क्षेत्रों में भी हमले की साजिश हो रही हैं। जब आतंकी कोई बड़ा हमला करने में विफल रहे तो पाक एजेंसियां जम्मू-कश्मीर में ज्यादा से ज्यादा आतंकी भेजकर दहशत फैलाने की फिराक में हैं।
सीजफायर उल्लंघन की घटनाएं बढ़ी
जम्मू-कश्मीर पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने रविवार को कहा था कि राज्य में 200 से 300 आतंकी सक्रिय हैं। पाक लगातार सीमा पर संघर्ष विराम उल्लंघन कर रहा है ताकि इसकी आड़ में आतंकियों की घुसपैठ कराई जा सके। सीमा पर गोलाबारी कश्मीर और जम्मू दोनों क्षेत्रों में हो रही है। कानाचक, आरएस पुरा और हीरा नगर (अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे) और नियंत्रण रेखा पर पुंछ, राजौरी, उरी, नंबला, करनाह और केरन में सीजफायर उल्लंघन की घटानाएं बढ़ी हैं।
आतंकी संगठनों ने की थी बैठक
एक अन्य अधिकारी ने बताया, ऐसी खुफिया जानकारी है कि जम्मू-कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा, हिज्बुल मुजाहिदीन और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े शीर्ष आतंकवादियों ने हाल ही में एक बैठक की है। इस बैठक में भारतीय सुरक्षा बलों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर हमले तेज करने का निर्णय लिया है।