पाक गोलीबारी के प्रभावितों को विभिन्न सियासी पार्टियां अपनी ओर खींचने में लगी हुई हैं। विभिन्न राहत कैंपों में रह रहे सीमांत ग्रामीणों की सुध लेने के लिए आ रहे इन पार्टियों के नेताओं का मकसद केवल ग्रामीणों को दिलासा देना नहीं है।
ग्रामीणों की मानें तो हर कोई अपना राग अलाप रहा है और उनकी समस्याओं पर सालों पहले मिलने वाले आश्वासन अब भी दोहरा रहे हैं। ग्रामीण टेक चंद ने कहा कि पहले मुख्यमंत्री आए उन्होंने लोगों को दिलासा दिया कि अब वह पक्का हल ढूंढने का प्रयास करेंगे।
लेकिन इस बात का क्या कि इतने सालों से वह गोलीबारी को झेल रहे हैं तब प्रयास क्यों नहीं किया। वहीं ग्रामीण अशोक कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के बाद पीडीपी की नेता महबूबा मुफ्ती आई उन्होंने दोनों देशों के साथ रक्षा मंत्रियों पर बयानबाजी की।