गुपकार गठबंधन के नेताओं की बैठक
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श्रीनगर में पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के आवास पर मंगलवार को गुपकार गठबंधन के नेताओं की बैठक हुई। इसमें महबूबा मुफ्ती, मुजफ्फर शाह, जावेद मुस्तफा मीर, अब्दुल रहमान वेरी और एमवाई तारिगामी शामिल हुए। बता दें कि प्रशासन की ओर से इस बैठक की अनुमति नहीं दी गई थी। गठबंधन के नेता मुजफ्फर शाह ने कहा कि हम एक लोकतांत्रिक बैठक कर रहे हैं और सरकार हमें ऐसा करने से नहीं रोक सकती।
बैठक में गठबंधन के नेताओं ने एक स्वर में कहा कि पीएजीडी छह मुख्यधारा के राजनीतिक दलों का गठबंधन है। जोकि जम्मू-कश्मीर की विशेष स्थिति की बहाली की मांग कर रहा है जिसे केंद्र सरकार ने पांच अगस्त 2019 में रद्द कर दिया था। मुजफ्फर शाह ने कहा कि बैठक का एजेंडा, अनुच्छेद 370 की बहाली के अलावा, एक जन संपर्क कार्यक्रम शुरू करना है। बैठक में घटक दलों के प्रमुखों के अलावा मध्य और निचले पायदान के कई नेता भी शामिल रहे।
गठबंधन के नेता एमवाई तारिगामी ने कहा कि हम एक ही चीज की मांग करते रहे हैं और वह है अनुच्छेद-370 और 35-ए की बहाली। यूटी में चुप्पी को सामान्य माना जा रहा है। राज्य प्रशासन और सरकार नहीं चाहती कि कोई कुछ बोले। सरकार हमारा अपमान करना चाहती है। हम अपने अधिकारों के लिए भारत के नागरिक समाज से अपील करते हैं। कहा कि सभी मुख्य प्रशासनिक अधिकारी बाहरी राज्यों से हैं और स्थानीय लोगों को दरकिनार किया जा रहा है। हम संसद, मीडिया और नागरिक समाज बताना चाहते हैं कि हमारे साथ गलत व्यवहार किया जा रहा है।
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इससे पहले पीडीपी मुखिया महबूबा मुफ्ती का बयान भी सामने आया। जिसमें उन्होंने कहा है कि पीएजीडी की बैठक फारूक अब्दुल्ला के आवास पर होगी। आमंत्रित सभी पार्टी के नेताओं से अनुरोध है कि वे समय पर पहुंचे। उधर अनुमति न मिलने पर नेशनल कांफ्रेंस के नेता इमरान नबी ने तंज कसते हुए कहा कि सभी अस्वीकृत सभाओं को छोड़कर जम्मू-कश्मीर सरकार के आदेश के कारण आज की पीएजीडी बैठक नहीं होगी। बैठक के लिए पीएजीडी की ओर से अनुमति मांगने पर सरकार खामोश है।