शनिवार से शुरू हो रहे ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में राज्य विधानसभा सत्र के लिए सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों तैयार हैं। दोनों दलों की रणनीति भी बन चुकी है।
बस अब विधायकों को पार्टियों की रणनीति पर अमलीजामा पहनाना बाकी है। जम्मू से भाजपा, नेकां के और कांग्रेस के विधायक भी सत्र के लिए शुक्रवार शाम तक श्रीनगर पहुंच गए।
भाजपा विधायक रविंद्र रैणा का कहना है कि पार्टी विधायक श्रीनगर पहुंच गए हैं। श्रीनगर पहुंचने के बाद पहले उन्होंने श्री शंकराचार्य मंदिर में दर्शन किए। उनका कहना है कि सत्तापक्ष में होने के नाते वह देश की एकता और अखंडता के खिलाफ किसी भी शब्द का कड़ा विरोध करेंगे।
पार्टी की रणनीति तैयार हो चुकी है। हज करके पीडीपी के प्रमुख रणनीतिकारों में शामिल एवं शिक्षा मंत्री नईम अख्तर भी शुक्रवार को श्रीनगर पहुंच गए। नईम 17 सितंबर से हज यात्रा पर थे।
विपक्षी दल कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गुलाम अहमद मीर का कहना है कि पीडीपी भाजपा गठबंधन की नाकामियों को दर्शाने का कोई मौका कांग्रेस के विधायक नहीं गंवाएंगे। कांग्रेस के विधायक सरकार को हर मोर्चे पर घेरने के लिए तैयार हैं।
नेकां के महासचिव अली मोहम्मद सागर का कहना है कि बीफ प्रतिबंध से लेकर बाढ़ प्रभावितों के पुनर्वास पर सरकार यूटर्न ले चुकी है। सरकारी विभागों के डेलीवेजरों को न वेतन और न नियमित करने को नीति बनी, हर क्षेत्र में सरकार नाकाम हुई है। विधानसभा सत्र के दौरान सदन में नेकां सरकार से जवाब मांगेगी। इसके लिए हंगामा करने की जरूरत पड़ी तो वह भी किया जाएगा।