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मुफ्ती ने दिया सेब की पैदावार बढ़ाने का मंत्र, पढ़ें खबर

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हार्टीकल्चर क्षेत्र में फलों की अधिक और बेहतर पैदावार के लिए नई तकनीक अपनाई जाएगी। किसानों को अधिक फसल उगाने पर इन्सेंटिव भी दिए जाएंगे, ताकि इससे वे फसलों की पैदावार और गुणवत्ता दोनों को बढ़ा सकें। मंगलवार को मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ हुई एक बैठक में इसकी जानकारी दी।
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राज्य में जैविक खेती को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। सेब की कम होती पैदावार पर गंभीरता दिखाते हुए इसमें जैविकता को अपनाने पर बल दिया गया। अखरोट, बादाम, खुमानी और लद्दाख की सब्जियों को जैविकता का सर्टिफिकेट देने के लिए भी औपचारिकताओं को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

इससे इन फलों सब्जियों को अधिक दाम मिलेंगे। मुफ्ती का कहना है कि हार्टीकल्चर सेक्टर सरकार की प्राथमिकता पर है। सेब पर बात करते हुए कहा कि सेब के पुराने पौधे अब सेब की कम पैदावार का कारण बन चुके हैं, जिन्हें बदलना होगा।
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जम्मू खित्ते में कम पैदावार पर फटकार

उन्होंने कहा, इसके लिए हाई डेनसिटी जैविक खेती का इस्तेमाल करना होगा और यूरोपियन देशों से सहयोग लेना होगा। इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए माइक्रो इरीगेशन की पांच से सात जगहों का चयन किया गया है।

मुख्यमंत्री ने जम्मू संभाग में फलों की कम पैदावार पर हार्टीकल्चर विभाग को फटकार लगाते हुए इसके कारणों का पता लगाने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि जम्मू में आम, लीची, अखरोट, सेब आदि की पैदावार होती है, लेकिन इसकी पैदावार काफी कम है।

इसको बढ़ाना होगा। बाढ़ से 1.47 लाख हेक्टेयर पर 9.21 लाख मीट्रिक टन फलों के नुकसान होने की जानकारी भी दी गई। बैठक में उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह, हार्टीकल्चर मंत्री अब्दुल रमहान वीरी आदि भी मौजूद थे।
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