कश्मीर में जारी हिंसा पर केंद्र और रियासत सरकार के स्टैंड से असंतुष्ट विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को घाटी का सच बताने का फैसला किया है। विपक्षी दलों ने एकजुट होकर केंद्र की कश्मीर नीति और रियासत सरकार द्वारा हालात से निपटने में विफलता की आलोचना की है।
पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की पहल पर आयोजित विपक्षी दलों की बैठक में सभी दलों के नेताओं ने एक स्वर से सुरक्षा बलों द्वारा प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक बल प्रयोग का विरोध किया। विपक्षी दलों ने सुरक्षा बलों की कार्रवाई की सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जज से जांच कराए जाने पर जोर दिया है।
बैठक के बाद उमर ने बताया कि रियासत के विपक्षी दलों के नेताओं का शिष्टमंडल नई दिल्ली भेजकर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को हालात की जानकारी देने का फैसला लिया है।
बैठक में कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गुलाम अहमद मीर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शाम लाल शर्मा, मुख्य प्रवक्ता रविंद्र शर्मा, सीपीआई एमके विधायक एमवाई तारिगामी के अलावा निर्दलीय विधायकों हकीम मोहम्मद यासीन और शेख अब्दुल रशीद और पूर्व मंत्री गुलाम हसन मीर ने भी हिस्सा लिया।