पंचायतों के पहली बार होने जा रहे ब्लाक डेवलपमेंट काउंसिल चुनाव पर कई विपक्षी दलों के बहिष्कार का साया मंडरा रहा है। रविवार को चुनाव का शेड्यूल जारी होने के बाद विपक्षी दल नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी और नेकां नजरबंद चल रहे अपने नेताओं से बैठक कर बीडीसी चुनाव पर रणनीति तय करेंगे।
विपक्षी दलों के नेताओं ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बीडीसी चुनाव जल्दबाजी में करवाए जा रहे हैं। विपक्षी दल इसमें शामिल होने या न होने पर अभी कोई फैसला ही नहीं ले पाएं है। आगामी दिनों में बैठक कर इस संबंध में रणनीति तय की जाएगी।
वहीं, पंचों सरपंचों की प्रमुख एसोसिएशन ऑल जेएंडके पंचायत कांफ्रेंस ने भी बीडीसी चुनाव के शेड्यूल पर कड़ी आपत्ति जताई है। कांफ्रेंस के अध्यक्ष अनिल शर्मा का कहना है कि जम्मू कश्मीर से पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 और 35-ए तो हट गया लेकिन बीडीसी चुनाव में अभी भी जम्मू कश्मीर में दो विधान पर आधारित चुनाव करवाए जा रहे हैं।
कांफ्रेंस ने केंद्रीय कानून एवं भारतीय संविधान के तहत 73वां संशोधन लागू कर चुनाव करवाने की मांग की थी लेकिन चुनाव का शेड्यूल जम्मू कश्मीर पंचायत राज एक्ट 1989 के तहत करवाए जा रहे हैं। यह पंचों और सरपंचों के साथ धोखा है। उन्होंने सरकार पर पंचों और सरपंचों के साथ विश्वास घात करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि कांफ्रेंस जल्द ही बैठक कर चुनाव शेड्यूल पर अपनी अगली रणनीति को सार्वजनिक करेगी।