प्रधानमंत्री और गृहमंत्री कह रहे हैं कि जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य हो गए हैं। यहां मई में जी20 की बैठक भी करवाई जा रही है तो फिर विधानसभा चुनाव क्यों नहीं करवाए जा रहे हैं। इस मुद्दे को चुनाव आयोग के समक्ष उठाया जाएगा। सर्वोच्च न्यायालय ने भी सिफारिश की है कि छह माह में चुनाव करवाए जाने चाहिए। राष्ट्रीय नेताओं से चर्चा के बाद जम्मू कश्मीर में राजनीतिक दलों के साथ फिर बैठकें की जाएंगी। संपत्ति कर सहित अन्य कई करों का बोझ बढ़ाया जा रहा है। बुलडोजर जारी है। अगर जरूरत पड़ी तो दिल्ली में जंत्र मंत्र पर विरोध दर्ज करवाया जाएगा। बैठक में कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष विकार रसूल वानी, कार्यवाहक अध्यक्ष रमण भल्ला, सीपीआई (एम) के प्रमुख यूसुफ तारीगामी, पीडीपी, अवामी नेशनल कान्फ्रेंस, शिव सेना बाला साहेब के प्रदेश प्रमुख मुनीश साहनी, पैंथर्स पार्टी के हर्ष देव सिंह, सुनील डिंपल आदि मौजूद रहे।
ब्लैकलिस्ट कंपनी को ठेका देना भ्रष्टाचार को बढ़ावा
विपक्ष को दबाने के लिए प्रवर्तन एजेंसियों का सहारा लिया जा रहा
संपत्ति कर लगाने का अधिकार विधानसभा को
हिंदू-मुस्लिम के नाम पर लड़ाया जा रहा
13 मार्च को संसद में अभ्यर्थियों और लाठीचार्ज की बात रखेंगे