पहलगाम आतंकी हमले के बाद से पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही थी। हालांकि सीधी कार्रवाई से पहले पाकिस्तान व बांग्लादेशी नागरिकों की उनके देश वापसी, व्यापार पर रोक, वॉटर स्ट्राइक, माक ड्रिल जैसे कदमों से ध्यान भटकाने की स्ट्रेटजी अपनाई गई।
पहलगाम हमले के बाद बदले की रणनीति
फिर अचानक हमला कर पाकिस्तान व पीओके में नौ आतंकी ठिकानों पर धावा बोलकर न सिर्फ शौर्य दिखाया, बल्कि कूटनीति से पड़ोसी को चित भी कर दिया।पहलगाम हमले के अगले दिन भारत ने सिंधू जल संधि को स्थगित किया। इसके बाद चार मई को चिनाब दरिया पर बने बगलिहार और सलाल डैम को बंद कर कभी पानी रोका तो कभी अचानक पानी छोड़ा दिया।
भारत के इस रुख के बाद कहा जाने लगा कि वह इस बार पाकिस्तान पर मिलिट्री एक्शन की बजाय वाटर या आर्थिक स्ट्राइक करेगा। देश में होने वाली माक ड्रिल से कुछ घंटे पहले पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक कर आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद किया।