भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी
- फोटो : ANI
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बीएसएफ की नेहा भंडारी को उनके असाधारण साहस लिए सेना प्रमुख ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है। सीओएएस जनरल उपेंद्र द्विवेदी,ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बीएसएफ जम्मू की सहायक कमांडेंट नेहा भंडारी को उनके असाधारण साहस के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बीएसएफ कंपनी की बहादुरी से कमान संभाली।
भंडारी को किसी भी घुसपैठ के प्रयास को रोकने और आईबी को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी दी गई थी, उन्होंने ऑपरेशन के दौरान अपनी जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक पूरा किया। एएनआई से बातचीत में नेहा ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, मैं आईबी पर तैनात एक कंपनी की कमान संभाल रही थी। हमारी जिम्मेदारी किसी भी घुसपैठ को रोकना, पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देना और अंतरराष्ट्रीय सीमा को सुरक्षित रखना था। हमने सभी जिम्मेदारियों को अच्छी तरह से पूरा किया।
बीएसएफ कर्मियों ने पाकिस्तान की हरकतों का कड़ा जवाब देते हुए दुश्मन पर गोलीबारी की। भंडारी ने ऑपरेशन में महिला कर्मियों की भूमिका पर कहा कि महिला और पुरुष दोनों बीएसएफ कर्मियों ने अपने कर्तव्यों को प्रभावी ढंग से निभाया। भंडारी ने बताया कि बीएसएफ के पास सुरक्षा के लिए चौकियां और बंकर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बल की तैयारियों और सतर्कता को दर्शाता है।
दरअसल भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में सात मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकी ढांचे को निशाना बनाया गया था। भारतीय सशस्त्र बलों ने बाद में पाकिस्तान की आक्रामकता का प्रभावी ढंग से जवाब दिया और उसके एयरबेसों पर बमबारी की। इसके बाद पाकिस्तान के डीजीएमओ द्वारा अपने भारतीय समकक्ष को किए गए फोन कॉल के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी।