सुरक्षाबलों ने सोमवार को तीन आतंकियों को मुठभेड़ में मार गिराया। कहा जा रहा है कि ये आतंकी पहलगाम हमले के दोषी हैं। पहलगाम में निर्दोषों के हत्यारों के मारे जाने की खबर से पहलगाम के लोग खुश हैं। उन्होंने कहा कि आतंकियों को उनके किए की सजा मिलनी ही चाहिए थी। उनकी वजह से ही हमारी कश्मीरियत पर दाग लगा।
पहलगाम की बायसरन घाटी में आतंकियों के हमले के बाद पहलगाम की नहीं पूरी घाटी के लोगों में गुस्से की लहर दौड़ गई थी। लोगों ने सरकार से मांग की थी कि इन निर्दयी आतंकियों को ढूंढ़-ढूंढ़कर खत्म किया जाए।
इस आतंकी वारदात के बाद कश्मीर घाटी के लोग सड़कों पर उतर आए थे और आतंकवाद के खिलाफ जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया था। लोगों की एक ही आवाज थी, जो आतंकवादी 26 लोगों के कत्ल में शामिल हैं, उन्हें किसी भी कीमत पर मौत की सजा दी जाए। सुरक्षाबलों की लगातार खोजबीन और अभियान के बाद आखिरकार इन खूंखार आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया गया। इससे लोगों ने राहत की सांस ली।
आतंकवाद कभी सफल नहीं हो सकता : फारूक
नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि आतंकवाद कभी सफल नहीं हो सकता। वह संसद में गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि पहलगाम हमले में शामिल सभी तीन हमलावरों को मार गिराया गया है।
डॉ. फारूक ने कहा कि हालांकि वह उन्हें (आतंकवादियों को) नहीं जानते, लेकिन जो उन्हें जानते हैं वही पहचान सकते हैं कि वे वही थे या नहीं। उन्होंने कहा, ''अगर वे वही आतंकवादी हैं जो पहलगाम हमले में शामिल थे तो यह अच्छी बात है। आतंकवाद कभी सफल नहीं हो सकता।
इसके अलावा, पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के उस बयान पर पूछे जाने पर जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जम्मू-कश्मीर का मुद्दा सुलझा सकते हैं, अगर वह चाहें तो, डॉ. फारूक ने कहा, जम्मू-कश्मीर का मुद्दा सुलझ जाएगा। हमें एकजुट रहने और साथ मिलकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा हर मुद्दे का समाधान किया जा सकता है।