बीती शाम डीजीपी एस पी वैद ने ट्वीट कर आतंकियों के चार शव बरामद किए जाने की पुष्टि की थी। जेके पुलिस के तीन जवान गंभीर रूप से घायल हुए हैं। आतंकियों और सुरक्षा बलों में देर शाम तक दोनों तरफ से फायरिंग जारी थी। बुधवार सुबह आतंकियों औेर सुरक्षाबलों के बीच जमकर फायरिंग शुरू हो गई।
इस क्रम में आतंकी जंगल से निकल कर आबादी वाले इलाके में जा पहुंचे। जवाबी कार्रवाई करते हुए सैन्य कर्मियों ने उन्हें एक स्थान पर घेर लिया। घेरा सख्त होता देख आतंकियों ने फिर से ताबड़तोड़ फायरिंग करनी शुरू कर दी। इस दौरान पांच जवान शहीद हो गए।
इसमें जम्मू- कश्मीर पुलिस के दो जवान शामिल हैं। उनकी पहचान कचहामा के एसपीओ मोहम्मद यूसुफ चेच और नगरोटा निवासी दीपक ठुसू के तौर पर हुई। सैन्य प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने सेना के तीन जवानों के शहीद होने की पुष्टि की लेकिन नामों का खुलासा नहीं किया।
सूत्रों के मुताबिक शहीदों में 160 टीए के नाइक मोहम्मद अशरफ राथर और पांच बिहार के नाइक रंजीत खोलका समेत एक अन्य शामिल हैं। कश्मीर रेंज के आईजी एसपी पानी ने अमर उजाला को बताया कि पांच आतंकियों के मारे जाने की सूचना है। अभी तक चार आतंकियों के शव बरामद हुए हैं। अभी भी इलाके में ऑपरेशन जारी है।
मंगलवार सुबह सेना को कुपवाड़ा जिले के हलमतपोरा चक में आतंकियों के एक ग्रुप की घुसपैठ की सूचना मिली थी। आतंकियों की संख्या 7 बताई गई। इसके बाद सेना की 41 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) और जम्मू कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने संयुक्त अभियान चलाया।
इस दौरान आतंकियों ने सुरक्षाबलों की एरिया डोमिनेशन पेट्रोल पार्टी पर गोलीबारी करनी शुरू कर दी। इसका सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया। इस दौरान चार पाकिस्तानी आतंकी मारे गए। रात का समय होता देख इस ऑपरेशन के दौरान घेरा सख्त करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षाबलों को बुलाया गया। इसके बाद 4 पैरा कमांडो, 5 बिहार, 160 टीए के इलावा सीआरपीएफ शामिल हुई।