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Jammu News: नई परियोजनाओं का ही बिगड़ा स्वास्थ्य, सिर्फ ओपीडी के सहारे राज्य कैंसर संस्थान व बोन एंड ज्वाइंट अस्पताल

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अमर उजाला ब्यूरो
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जम्मू। शहर में बेहतर रोगी चिकित्सा देखभाल के लिए नए अस्पताल शुरू करने की पहल की जा रही है, लेकिन स्टाफ का अभाव आड़े आ रहा है। राज्य कैंसर संस्थान और नवनिर्मित बोन एंड ज्वाइंट अस्पताल फिलहाल ओपीडी पर ही हैं, जबकि इंडोर भर्ती के लिए जीएमसी ही एकमात्र सहारा है।
राज्य कैंसर संस्थान रेशमघर को आठ माह पहले खोला गया था, लेकिन 100 बिस्तर के अस्पताल में अब तक इंडोर वार्ड शुरू नहीं हो पाया। 196 में से कुछ डॉक्टरों के साथ 60 के करीब ही स्टाफ है। इस कारण गंभीर मरीजों को जीएमसी का रुख करना पड़ रहा है। इस असुविधा से मरीज दो दो अस्पतालों के बीच फंसे हैं। डे केयर कीमोथेरेपी को छोड़ मेडिकल आन्कोलॉजी में इंडोर वार्ड शुरू करने के लिए अभी किसी अधिकारी के पास स्पष्ट जवाब नहीं है। हालात ऐसे हैं कि दूरदराज के मरीजों को दो से चार दिन तक कीमोथेरेपी या अन्य उपचार के लिए होटलों या अन्य संस्थानों में रुकना पड़ रहा है। अस्पताल में रोजाना 18 से 20 कीमोथेरेपी की जा रही हैं।
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वहीं, गत दिवस महेशपुरा चौक स्थित नवनिर्मित बोन एंड ज्वाइंट अस्पताल को औपचारिक तौर पर ओपीडी के साथ शुरू किया है। यहां भी इंडोर वार्ड और इलेक्टिव सर्जरी शुरू नहीं हुई, क्योंकि 369 पदों के प्रस्ताव को सचिवालय की ओर से मंजूरी नहीं मिल पाई। इसके चलते जीएमसी के आर्थो विभाग के पुराने स्टाफ के सहारे ओपीडी सेवाएं शुरू की हैं। स्टाफ न होने से भविष्य में इंडोर वार्ड और इलेक्टिव सर्जरी शुरू करना चुनौती रहेगा।
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स्टाफ की तैनाती की जा रही
जीएमसी जम्मू के प्रिंसिपल डॉ. आशुतोष गुप्ता का कहना है कि राज्य कैंसर संस्थान में इंडोर वार्ड शुरू करने के लिए स्टाफ की तैनाती की जा रही है। इसके लिए भर्ती प्रक्रिया जारी है। इसी तरह बोन एंड ज्वाइंट अस्पताल को भी चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जा रहा है। पैरा मेडिकल स्टाफ के अलावा डॉक्टरों की नियुक्तियां हो रही हैं।
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