जम्मू डेवलपमेंट अथॉरिटी को शहर को व्यवस्थित ढंग से बसाने के लिए 60 हजार हेक्टेयर भूमि मिली थी। लेकिन लोगों ने जबरन 50 हजार हेक्टेयर भूमि पर कब्जा कर लिया। लोगों ने मनमर्जी से मकान बना लिए। इसका रिकॉर्ड न तो जम्मू नगर निगम के पास है और न ही जेडीए के पास। अब जेडीए अतिरिक्त को हटा रहा है। इस भूमि में व्यवस्थित ढंग से शहर को बसाया जाना था।
भवनों के लिए आनलाइन परमिशन भी कहा मिल रही
शहर के अव्यवस्थित ढंग से बसने का कारण आनलाइन परमिशन भी रही है। अलग आठ विभागों से अनुमति लेनी पड़ती है। नगर निगम से आनलाइन, जबकि अन्य विभागों में कार्रवाई आफ लाइन हो जाती है। नक्शे छह-छह माह तक पास नहीं होते। इस कारण लोग अपने स्तर पर ही घरों का निर्माण बेतरतीब ढंग से कर रहे हैं। इस तरह के हजारों भवन शहर में बन चुके हैं।
मेयर ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
जनरल हाउस की बैठक में ब्लैकशीप पर कार्रवाई करने की मांग की गई है। नगर निगम के कर्मचारी और अधिकारी ही अतिक्रमण को बढ़ावा दे रहे हैं। इस पर मेयर ने उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।