एक जुलाई से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा के लिए पायलट स्तर पर ऑनलाइन यात्री पंजीकरण सुविधा शुरू की गई है। पारंपरिक पहलगाम और बालटाल यात्रा ट्रैक के लिए प्रतिदिन 250-250 पंजीकरण किया जाएगा। इसमें यात्री को मान्यता प्राप्त अस्पतालों से कंपलसरी हेल्थ सर्टिफिकेट (सीएचसी) संबंधित वेबसाइट पर अपलोड करना होगा, जिसके बाद क्यूआर कोड और बार कोड पर आधारिक कंप्यूटरीकृत यात्रा स्लिप जारी की जाएगी।
क्यूआर कोड और बार कोड के साथ कंप्यूटर से निकाली गई स्लिप (ट्रिपलेट में), मूल के साथ सीएचसी के साथ दोमेल/चंदनबाड़ी में एक्सेस कंट्रोल गेट पर दिखानी होगी, जिसके बाद ही यात्रा की इजाजत दी जाएगी। राजभवन में बुधवार को श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) के अध्यक्ष व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने यात्रियों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण सुविधा को लांच किया।
बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी उमंग नरूला ने बताया कि गत 7 मार्च को हुई बोर्ड की बैठक में ऑनलाइन पंजीकरण सुविधा शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया था। ऑनलाइन पंजीकरण की यह सुविधा एसआईओ, एनआईसी अभय कुमार की देखरेख में एनआईसी के साथ विकसित की गई है। ऑनलाइन पंजीकरण सुविधा का लाभ उठाने के लिए तीर्थयात्री को राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों द्वारा नामित डाक्टर/अस्पतालों द्वारा जारी अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाणपत्र प्रति व्यक्ति 200 रुपये के शुल्क के साथ अपलोड करना होगा।
एक नई पहल के तहत श्राइन बोर्ड क्यूआर कोडिंग/बार कोडिंग के साथ यात्रा परमिट फॉर्म (वाईपीएफ) देने की शुरुआत कर रहा है। क्यूआर कोड मोबाइल नंबर सहित यात्री के डेटाबेस के साथ जुड़ा हुआ होगा। क्यूआर कोड वाले वाईपीएफ को एक्सेस कंट्रोल गेट्स दोमेल और चंदनबाड़ी और मध्यवर्ती शिविरों में स्कैन किया जाएगा। इससे यात्रियों की गणना और वास्तविक समय के आधार पर उनकी ट्रैकिंग में मदद मिलेगी।
ऑनलाइन पंजीकरण की विस्तृत प्रक्रिया के लिए एनआईसी द्वारा एसएएसबी वेबसाइट पर लिंक दिया गया है। श्राइन बोर्ड आनलाइन पंजीकरण की इस पायलट परियोजना की बारीकी से निगरानी करने के बाद इसे बढ़ाने पर विचार करेगा। इस मौके पर बोर्ड के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनूप कुमार सोनी, उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी वरिंदर सलाथिया, वैज्ञानिक-डी, एनआईसी बैजू उब्बोट, वैज्ञानिक-बी, एनआईसी सिद्धेश्वर भगत और श्राइन बोर्ड के अधिकारी मौजूद रहे।