बाढ़ राहत कार्यों में ढिलाई के आरोपों को लेकर लगातार विपक्षी दलों और मीडिया की आलोचना झेल रहे उमर का दर्द आखिर फूट पड़ा। खुद पर लगातार लग रहे आरोपों से आहत उमर ने एक भावुक ट्विट में कहा कि आलोचनाओं का स्वागत है लेकिन हमारी स्थिति और हालातों को भी समझें।
हम किन हालातों में काम कर रहे हैं और किस तरह लोगों तक मदद पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। कश्मीर में बाढ़ के विकट हालातों के बीच काम कर रही उमर सरकार को बाढ़ के साथ साथ विपक्षियों की आलोचनाओं से भी जूझना पड़ रहा है। उन पर सबसे ज्यादा आरोप हालातों को न संभाल पाने और बाढ़ से पूर्व बचाव के लिए तंत्र विकसित न करने आदि के लगाए जा रहे हैं।
जानकारों का भी कहना है कि सरकार सचेत रहती तो घाटी को इतनी बड़ी त्रासदी से न गुजरना पड़ता। सरकार ने बाढ़ से बचाव के पूर्व उपायों पर कोई ध्यान नहीं दिया न ही बाढ़ से बचाव के तंत्र को विकसित करने पर कोई ध्यान नहीं दिया।