अनंतनाग में नेकां उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने एक बार फिर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडितों को वापस लाने के लिए जो काम हमने किया, उसे भाजपा सरकार ने अपनी नाकामी से विफल कर दिया। इनकी सरकार में कितने ही कश्मीरी पंडितों को गोली का शिकार बनाया गया।
केन्द्र और जम्मू कश्मीर सरकार कश्मीरी पंडितों को बसाने में विफल रही है। अनंतनाग में पार्टी कार्यकताओं से बैठक के बाद उन्होंने कहा कि एक फिल्म की वजह से सारी दुनिया को वह दिखाना चाहते थे कि घाटी में कश्मीरी पंडितों पर क्या-क्या सितम ढहे। उस फिल्म से हमें काफी नुकसान पहुंचा।
हम धर्म की राजनीति नहीं करते हैं। हमारा हमेशा एक नारा रहा ‘हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई आपस में हैं भाई-भाई’। उमर ने अमरनाथ यात्रा का उदाहरण देते हुए कहा कि यात्रियों का स्वागत हम हमेशा से करते आए हैं और यात्रा करने वाले लोगों को हम कंधे पर उठा कर पवित्र गुफा तक ले जाते हैं।
केंद्र के सामने हम झुकने वाले नहीं हैं। पहले कहते हैं ये लोग आम लोगों के पास जाने से कतराते हैं, लेकिन जब हम लोगों के पास जाकर मिलना चाहते हैं तो हमारे लोगों की सुरक्षा हटाई जाती है। सरकारी घर को छीना जाता है। इससे हम कमजोर नहीं होंगे और ताकतवर बनेंगे।
1947 में हम भारत के साथ जुड़े और उस समय 370 और 35-ए हमें दिया गया। उसमें साफ लिखा है कि जब तक देश है तब तक इस कानून को कोई हाथ नहीं लगा सकता, लेकिन 5 अगस्त को हमसे वह भी छीन लिया गया, जो गलत है।
सुप्रीम कोर्ट पर फिर उमर ने कहा कि भरोसा है हमें हमारा हक वापस मिलेगा। उन्होंने कहा कि चुनाव के लिए हम तैयार हैं, लेकिन भाजपा क्यों डरी है। अगर भाजपा को लगता है कि जम्मू-कश्मीर में हम जीत जाएंगे फिर चुनाव क्यों नहीं करवाते।
उन्होंने कहा कि महंगाई से आम लोग परेशान हैं। गैस सिलिंडर के दाम कहां से कहां पहुंच गए, लेकिन सरकार को फिक्र नहीं।