तीन देशों की विदेश यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विदेश नीति के संबंध में दिए बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कटाक्ष किया है। उमर ने ट्विटर पर लिखा, ‘वास्तव में ‘लुक ईस्ट’ पालिसी वाजपेयी सरकार के नेतृत्व वाली एनडीए-1 सरकार की देन थी। मुझे अच्छी तरह याद है, क्योंकि उस समय मैं विदेश राज्यमंत्री था।’
उमर दक्षिण कोरिया में प्रधानमंत्री के उस बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे, जिसमें उन्होेंने कहा था कि इससे पहले यह ‘पूर्व की ओर देखो नीति’ थी, जिसे हमने बहुत देख लिया। अब हमें ‘एक्ट ईस्ट नीति’ की जरूरत है जो हमारी सरकार की विदेश नीति का अहम हिस्सा है।
नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन, मंगोलिया और दक्षिण कोरिया की यात्रा के दौरान उनकी कुछ टिप्पणियों पर आश्चर्य जताया। उन्होंने कटाक्ष करते हुए लिखा, ‘ऐसा लगता है 16 मई 2014 से पहले ऐसा कोई भी भारतीय नहीं था जो अपने देश पर नाज करता हो। इस आश्चर्यजनक तथ्य के प्रति मैं पूरी तरह से अनभिज्ञ था।’
उन्होंने आगे कहा कि या कम से कम विदेशों में कोई भी भारतीय ऐसा नहीं था जो अपने देश पर गर्व नहीं करता। मुझे खुशी है कि आपको अपने इस दुख से अस्थायी तौर पर राहत मिल रही है। उमर ने लिखा, ‘इंग्लैंड में जन्म हुआ। भारतीय पासपोर्ट अपनाया। लेकिन पीएम साहब, मुझे कहीं भी अपना पासपोर्ट दिखाने के दौरान शर्मिंदा नहीं होना पड़ा।’