मिनी सचिवालय, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट, नया बस स्टैंड, हार्टिकल्चर कांप्लेक्स, कम्यूनिटी हाल, बाईपास पुल। यह सब राजोरी के ड्रीम प्रोजेक्ट हैं, जिनको लेकर शहर के लोगों ने पिछले कई सालों से नजर टिका रखी है।
उमर सरकार ने सत्ता में आते ही इन सभी प्रोजेक्टों को पूरा करने का वादा किया था, लेकिन छह साल बीत जाने के बाद भी उमर सरकार इन प्रोजेक्ट्स को पूरा नहीं कर सकी है।
इनमें से बस स्टैंड और हार्टिकल्चर कांप्लेक्स को छोड़ दिया जाए तो बाकी का निर्माण भी शुरू नहीं हो सका।
छह साल में केवल एक काम
मौजूदा सरकार से अगर लोगों को कुछ राहत मिली तो वह राजोरी में बने बाईपास पुल से, जिसका निर्माण पूरा हो गया है।
जानकारी के अनुसार, छह साल पूर्व उमर सरकार ने राजोरी में मिनी सचिवालय बनाने, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बनाने, बस स्टैंड, हार्टिकल्चर कांप्लेक्स बनाने, कम्यूनिटी हाल बनाने का वादा किया।
इसमें से कम्यूनिटी हाल, बस स्टैंड और हार्टिकल्चर कांप्लेक्स का ही काम शुरू हो सका है, लेकिन अधर में है। जबकि मिनी सचिवालय, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट, सिवरेज प्लांट का काम ही शुरू नहीं हुआ इनके लिए अब तक जगह ही तय नहीं हो पाई है।
हमारा काम 35 साल पर भारी
राजोरी के विधायक और पूर्व मंत्री रहे शब्बीर खान का दावा है कि जितना विकास उनके कार्यकाल में हुआ, उतना पिछले 35 साल में नहीं हुआ। शब्बीर का कहना है कि मिनी सचिवालय के लिए 10 करोड़ दिए जा चके हैं और जगह देखी जा रही है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का काम जल्द शुरू होगा। दो करोड़ की लागत से महिलाओं के लिए अस्पताल का काम शुरू होने वाला है।
भाजपा के राज्य उप प्रधान एवं विबोध गुप्ता का कहना है कि उमर सरकार ने राजोरी के साथ भेदभाव किया है। राजोरी में एक भी विकास प्रोजेक्ट ऐसा नहीं, जो सरकार या विधायक ने पूरा कराया हो। पीडीपी के वरिष्ठ नेता ताजिम डार का कहना है कि सिर्फ एक पुल को कंप्लीट करने से विकास नहीं होता। छह प्रोजेक्ट थे, इनमें से छह साल में एक ही पूरा हुआ।