पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि यह बात स्पष्ट करना चाहते हैं कि वह न तो हुर्रियत के साथ हैं और न ही उसका समर्थन करते हैं, लेकिन वह चाहते हैं कि दिल्ली और कश्मीरी अलगाववादियों के बीच एक सार्थ बातचीत हो। गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेकां के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने पिछले दिनों बयान दिया था कि वे हुर्रियत के साथ हैं।
कुपवाड़ा के टीआरसी ग्राउंड में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू कश्मीर में बंदूक ने सब तबाह कर दिया है और यहां के खेल के मैदानों को कब्रिस्तानों में तब्दील कर दिया है।
उन्होंने कहा कि पिछले पांच महीने में माहौल राजनीतिक गतिविधियों के लिए अनुकूल नहीं था, लेकिन नेकां ने मुसीबत पैदा करने की कोशिश कभी नहीं थी। यह बात उमर ने साथ पीडीपी की ओर इशारा देते हुए कही, जिन्होंने घाटी के हालातों के लिए नेकां को जिम्मेदार ठहराया था।