फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फारुक अब्दुल्ला के बयान पर उमर की सफाई, कहा- 'हुर्रियत का समर्थन नहीं, सार्थक वार्ता चाहते हैं'

Sat, 17 Dec 2016 10:33 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर
विज्ञापन
पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला - फोटो : File Photo
विज्ञापन
पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि यह बात स्पष्ट करना चाहते हैं कि वह न तो हुर्रियत के साथ हैं और न ही उसका समर्थन करते हैं, लेकिन वह चाहते हैं कि दिल्ली और कश्मीरी अलगाववादियों के बीच एक सार्थ बातचीत हो। गौरतलब है कि  जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेकां के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने पिछले दिनों बयान दिया था कि वे हुर्रियत के साथ हैं। 
विज्ञापन


कुपवाड़ा के टीआरसी ग्राउंड में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू कश्मीर में बंदूक ने सब तबाह कर दिया है और यहां के खेल के मैदानों को कब्रिस्तानों में तब्दील कर दिया है।

उन्होंने कहा कि पिछले पांच महीने में माहौल राजनीतिक गतिविधियों के लिए अनुकूल नहीं था, लेकिन नेकां ने मुसीबत पैदा करने की कोशिश कभी नहीं थी। यह बात उमर ने साथ पीडीपी की ओर इशारा देते हुए कही, जिन्होंने घाटी के हालातों के लिए नेकां को जिम्मेदार ठहराया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

उमर अब्दुल्ला नेकां के कार्यकारी अध्यक्ष हैंं। - फोटो : Amar Ujala
उमर ने कहा कि हालातों को सुधारने के लिए हमने अपनी ओर से काफी प्रयास किए। हम राज्यपाल से मिले राष्ट्रपति से मिले, केवल घाटी में अमन और शांति लाने के लिए।

उन्होंने कहा कि जब 2010 में हालात खराब हुए उस समय महबूबा मुफ्ती ने केंद्र से कहा कि उमर को बाहर फेंक उनके स्वर्गीय पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद को मौका दिया जाए। महबूबा ने दिल्ली को आश्वासन दिलाया कि मुफ्ती साहब घाटी में अमन लाएंगे। 

इतना ही नहीं पीडीपी पर आरोप लगाते हुए उमर ने कहा कि मौजूदा सरकार के दौर में काफी ज्यादा गिरफ्तारियां हुई हैं। आंकड़ों की अगर बात करें तो करीब 700 लोगों पर पीएसए लगाया गया है, जबकि करीब 1000 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही प्रशासनिक कार्यों पर ब्रेक लगी हुई है, क्योंकि सरकार के अधिकतर मंत्री लंदन, यूएस में मजे ले रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें