संसद में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान ट्विटर पर नेकां उपप्रधान व पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सक्रिय दिखे। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के अपने भाषण के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सीट पर जाकर उन्हें गले लगाने पर चल रही चर्चा पर भी उमर ने टिप्पणी की। उन्होंने इस पर सवाल किया कि क्या गले लगाना संसदीय लोकतंत्र और नियमों के खिलाफ है।
उमर ने ट्विटर को सांकेतिक तौर पर हग भी भेजा। उन्होंने कहा कि यह परंपरा हो गई है। पहले गले मिलते हैं फिर बदल जाते हैं, यह पता नहीं क्या है। उन्होंने कहा कि केंद्र के चार साल के शासनकाल में जम्मू-कश्मीर की हालत इतनी बिगड़ी, लेकिन किसी ने यह याद नहीं दिलाया।