भाजपा पर हमले करते हुए उन्होंने कहा कि छह साल की कुर्सी के लिए भाजपा ने पीडीपी को कोई भी शिकायत का मौका न देने का मन बना लिया है। सरकार अनंतनाग लोकसभा उपचुनाव नहीं करा पाई, लेकिन भाजपा खामोश रही। यदि और कोई सरकार होती तो पूरे देश में इसका ढिंढोरा पीटा जाता।
अमरनाथ यात्री बस पर हमला हुआ, फिर भी भाजपा ने चुप्पी साधे रखी। भ्रष्टाचार पर खामोश है। कैबिनेट में मुख्यमंत्री ने अपनी पार्टी के एक मंत्री को बढ़ा लिया, फिर भी भाजपा ने कोई प्रतिवाद नहीं किया। उन्होंने कहा कि इस कहानी का खात्मा कैसा होगा यह देखना है, लेकिन आपका (महबूबा मुफ्ती) सियासी खात्मा कोई नहीं बचा सकता।
इसलिए रियासत को चलाने के तरीके में बदलाव लाएं ताकि सियासी रूह को जहन्नुम की आग से बचा सकें।