फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उमर का सवाल: 'हमारे प्रदेश में सूखे जैसे हालात, हम पानी क्यों दें; जब हमें जरूरत थी...क्या पंजाब ने दिया था'?

Fri, 20 Jun 2025 03:51 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला, नेटवर्क जम्मू

सार

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सूखे जैसे हालात का हवाला देते हुए पंजाब को 113 किमी लंबी नहर से पानी देने का कड़ा विरोध किया और कहा कि इसकी अनुमति नहीं देंगे। उन्होंने राज्य दर्जा बहाली पर पीएम मोदी के वादे पर भरोसा जताया।
विज्ञापन
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

 केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पंजाब-हरियाणा और राजस्थान को पानी पहुंचाने के लिए 113 किमी लंबी नहर बनाने के मामले में कड़ा विरोध जाहिर किया है। उन्होंने साफ कहा कि हमारे प्रदेश में सूखे जैसे हालात हैं, हम पंजाब को पानी क्यों दें। शुक्रवार को उमर पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे।

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि मैं इसकी अनुमति कभी नहीं दूंगा। इस दौरान उन्होंने आरक्षण के मुद्दे पर पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती और पीपुल्स कांफ्रेंस के नेता सज्जाद लोन की भी आलोचना की और राजनीति करने का आरोप लगाया।उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को जम्मू में भी राब्ता कार्यालय का उद्घाटन किया।

इसी दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि अपने पानी का इस्तेमाल हम पहले अपने लिए करेंगे। जम्मू में सूखे जैसी स्थिति है। सिंधु जल संधि के तहत पंजाब के पास पहले से ही पानी है। उन्होंने नाराजगी जताई कि क्या उन्होंने हमें तब पानी दिया था, जब हमें इसकी जरूरत थी। बताते चलें कि पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद सिंधु जल संधि को रोक दिया गया है, जिसके बाद से नदी के पानी को मोड़ने की मांग लगातार की जा रही है.
विज्ञापन


राज्य दर्जा बहाली पर पीएम मोदी के वादे पर एतबारजब सीएम से पूछा गया कि क्या राज्य का दर्जा बहाली को लेकर क्या वे सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। उमर ने कहा कि उन्हें पीएम नरेंद्र मोदी के वादे पर एतबार है, वो इंतजार करेंगे।

किया सवाल-ईरान ने क्या किया जो इस्राइल ने निशाना बनाया
ईरान और इस्राइल के बीच बढ़ते तनाव पर टिप्पणी करते हुए अब्दुल्ला ने कार्रवाई पर सवाल उठाए और फंसे हुए भारतीय छात्रों की सुरक्षा के लिए चिंता जताई। अब्दुल्ला ने बताया, ईरान ने ऐसा क्या किया है कि इस्राइल ने उसे निशाना बनाया है? कुछ महीने पहले कहा गया था कि ईरान के पास कोई परमाणु कार्यक्रम नहीं है, तो अब उसे क्यों निशाना बनाया जा रहा है? हमारे छात्र भी वहां फंसे हुए हैं, 400 को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है, जम्मू-कश्मीर से फंसे हुए छात्रों की कुल संख्या 1600 है।कांग्रेस सांसद शशि थरूर की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर कि उनकी पार्टी के नेतृत्व के साथ उनकी राय अलग है, उमर अब्दुल्ला ने कहा, यह कांग्रेस का आंतरिक मामला है।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें