राजोरी में जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम अमर अब्दुल्ला ने कहा कि जब अनुच्छेद 370 को खत्म किया गया तब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कहां थे। उन्होंने उस समय केंद्र सरकार का समर्थन किया था और आज वह अन्य दलों से समर्थन मांग रहे हैं। चुनाव को लेकर भाजपा तैयार नहीं है इसलिए जम्मू-कश्मीर में चुनाव नहीं करवाए जा रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग ने गृहमंत्रालय से सुरक्षा संबंधी जानकारी लेने के बाद चुनाव की घोषणा करने की बात कही थी। आयोग ने वह जानकारी अभी तक क्यों नहीं ली यह बात हमारी समझ से परे है। प्रदेश में अन्य सियासी पार्टी से गठजोड़ कर चुनाव लड़ने के सवाल पर कहा कि पहले जम्मू-कश्मीर में चुनाव का बिगुल तो बजने दीजिए, चुनाव का बिगुल बजेगा तो उसके बाद अन्य साथियों के साथ सलाह की जाएगी।
उमर ने कहा कि जब चुनाव की घोषणा होगी तब पार्टी के सभी साथियों से बात होगी। इसमें जो फायदेमंद होगा वह निर्णय लिया जाएगा। मुगल रोड से घाटी जाने वाले रास्ते पर सुरक्षाबलों की चेकिंग को लेकर अब्दुल्ला ने कहा कि प्रशासन ने बात कर हल निकाला जाएगा की लोगों को आने-जाने में परेशानी न हो।
राजोरी-पुंछ के हालात देखकर सवाल खड़े होते हैं कि यहां की सुरक्षा को लेकर सरकार फेल हो चुकी है। इसलिए राजोरी-पुंछ में आतंकवाद बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि एलजी राज में जनता और सरकार में लगातार दूरी बढ़ रही है।
पूर्व मुख्य मंत्री ने भाजपा के 9 साल के विकास के नारे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनाव होने दीजिए खुद मालूम हो जाएगा कितना विकास कहां हुआ है। उमर ने साफ शब्दों मे कहा कि नेका लोकसभा चुनाव भाजपा के खिलाफ ही लड़ेगी।
उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि जब धारा 370 को खत्म किया गया था तब अरविंद केजरीवाल कहां थे? उन्होंने उस समय मोदी सरकार के निर्णय का समर्थन किया था और आज वे अन्य दलों से समर्थन मांग रहे हैं।