रियासत के पूर्व उपमुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के कायल हैं। उनके निधन की खबरें आने के बाद उमर इस सच को स्वीकार नहीं कर पा रहे थे। उमर ने ट्विटर पर लिखा, ‘उम्मीद है कि शिलांग से जो खबरें आ रही हैं, वह झूठी होंगी।
यदि यह खबर सच है तो सबसे बुरा दिन होगा।’ उमर ने आगे लिखा, ‘जब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक उनके पुनर्जीवित होने की उम्मीद बंधी रहेगी।’ जब गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने डा. कलाम के निधन की पुष्टि की तो उमर ने इस सच को स्वीकार किया। उन्होंने लिखा, ‘मुझे लगता है कि यह एक अधिकारिक घोषणा हो गई है।’
उमर ने ट्वीट किया, ‘डा. कलाम के जम्मू-कश्मीर में बहुत प्रशंसक थे। खासकर कश्मीर के युवाओं में वह लोकप्रिय थे। जो एक छोटी उपलब्धि नहीं है। रेस्ट इन पीस सर।’ उमर ने डा. कलाम की यादें ताजा करते हुए लिखा, ‘मुझे याद है जब डा. कलाम देश के राष्ट्रपति बने।
दो सवाल को लेकर केंद्र सरकार परेशान थी। एक क्या वे बंद गला पहनेंगे और दूसरा क्या वे बालों की स्टाइल बदलेंगे। वह खुशी से बंदगला पहने को तैयार हो गए, लेकिन उन्होेंने अपने बालों की अनोखी स्टाइल को बदलने पर स्पष्ट रूप से इंकार कर दिया था। वह अपने व्यक्तित्व के मालिक थे।’